कहीं पहिये पर न थम जाये जिंदगी

अधिकांश एंबुलेंस डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन का नहीं कर रहीं पालन एंबुलेंस में जरूरत के उपकरण गायब, मरीज को शिफ्ट करने में होती है भारी परेशानी पटना : वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेंनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने एंबुलेंस सेवा के लिए गाइड लाइन निर्धारित की है. लेकिन, शहर में मरीजों को बचाने के लिए दौड़ रही अधिकांश एंबुलेंस गाइड लाइन […]

अधिकांश एंबुलेंस डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन का नहीं कर रहीं पालन
एंबुलेंस में जरूरत के उपकरण गायब, मरीज को शिफ्ट करने में होती है भारी परेशानी
पटना : वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेंनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने एंबुलेंस सेवा के लिए गाइड लाइन निर्धारित की है. लेकिन, शहर में मरीजों को बचाने के लिए दौड़ रही अधिकांश एंबुलेंस गाइड लाइन पर खरी नहीं उतर रही हैं.
गाइड लाइन के मुताबिक एंबुलेंस वातानूकुलित हो और उसमें ऑक्सीजन सिलिंडर, जीवन रक्षक दवाइयां समेत अन्य जरूरी उपकरण होने चाहिए, लेकिन अधिकांश वाहन में ऐसे इंतजाम नहीं हैं. कुछ छोटे वाहनों को भी एंबुलेंस में तब्दील किया जा रहा है. लेकिन जानकारों की माने तो उसमें भी गाइड लाइन का पालन नहीं हो रहा है. यह स्थिति 108, 102, 1099 सभी एंबुलेंस के साथ है.
राजीव नगर के रहने वाले रजनीश कुमार एक दुकान संचालक हैं. उन्होंने बताया कि पिछले महीने दोपहर 2:30 बजे अचानक उनके पिता जी की तबीयत खराब हो गयी. आनन-फानन में 108 नंबर एंबुलेंस को कॉल किया. कॉल अडेंड करने वाला पहले तो तमाम अनावश्यक प्रश्न पूछने लगा.
जब रजनीश ने कहा कि बातों में समय बर्बाद न करे जल्दी से एंबुलेंस लेकर आ जाओ, तो उसका कहना था कि हमारे पास कोई जीपीएस सिस्टम नहीं, पता करते हुए वाहन आयेगी. रजनीश ने कहा कि 40 मिनट बाद एंबुलेंस तो आयी लेकिन उसमें मरीज को शिफ्ट करने के लिए एंबुलेंस में स्ट्रेचर, व्हील चेयर व कोई अन्य लाइफ सपोर्ट सिस्टम नहीं था. मुश्किल में मरीज को शिफ्ट किया गया. यह स्थिति अधिकांश मरीजों के साथ होती है.
क्या है डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन
एंबुलेंस वातानुकूलित हो
इसमें पर्याप्त जगह होनी चाहिए, ताकि मरीज को घबराहट व घुटन न हो
एंबुलेंस में डॉक्टर व प्रशिक्षित पैरा मेडिकल स्टाफ होने चाहिए
इमरजेंसी लाइफ सेविंग्स दवाएं, बीपी मॉनीटर, फोल्डिंग मशीन व पॉवरफुल टॉर्च भी हो
ऑक्सीजन सिलिंडर व फिल्टर पानी की व्यवस्था आदि हो.
तत्काल उपचार के उपाय नहीं : अस्पताल ले जाने के क्रम में तत्काल राहत के लिए एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर, जीवनरक्षक दवाएं व अन्य जरूरी उपकरण होने चाहिए. लेकिन, अधिकतर वैन में यह सुविधा नहीं रहती है. इस कारण मरीज को तत्काल राहत नहीं मिल पाती.

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