सिटी : तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के तख्त साहिब के पंद्रह सदस्यीय प्रबंधक कमेटी में पांच हलकों में हुए चुनाव के नतीजों के बाद विजेता बने पांच सदस्यों के साथ कमेटी के कस्टोडियन व पटना के जिला सत्र न्यायाधीश की ओर से मनोनीत होने वाले तीन सदस्यों का मनोनयन होने पर आठ लोगों की कमेटी गठित हो गयी. इसी बीच दूसरों प्रांतों से आने वाले पांच सदस्यों की सूची भी तख्त साहिब में पहुंच गयी है.
इस तरह प्रबंधक कमेटी के 13 सदस्यों की सूची बन कर तैयार हो गयी है. अब सनातनी सिख सभा के प्रतिनिधि का इंतजार है, जिसे जिला व सत्र न्यायाधीश से मंजूरी मिलने के बाद उसके नाम की घोषणा की जायेगी. इस तरह चौदह सदस्य मिलकर एक काप्ट सदस्य का चुनाव करेंगे. इधर, चुनाव नतीजों व 13 सदस्यों की कमेटी के बाद सियासी हलचल बढ़ गयी है.इधर, पांचों हलकाें से विजयी प्रत्याशियों ने तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब के दरबार साहिब में जाकर मत्था टेका व आशीष िलया.
विजेताओं को दिया गया प्रमाणपत्र
तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के पांचों हलकाें से चुनाव जीतने वालों को शनिवार को एसडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी राजेश रोशन ने प्रमाणपत्र दिया. निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी राजेश रोशन ने बताया कि हलका संख्या एक से सरदार राजा सिंह, हलका संख्या दो से हरवंश सिंह, हलका संख्या तीन से महेंद्र सिंह छाबड़ा, उत्तर बिहार से लखबिंदर सिंह व दक्षिण बिहार से इंद्रजीत सिंह को विजयी होने का प्रमाणपत्र दिया गया.
एक को छोड़ चार नये चेहरे
दूसरे प्रांतों से आने वाले प्रतिनिधि को भी प्रबंधक कमेटी का सदस्य बनाया जाता है. इस बार पांच प्रतिनिधियों के जो नाम आये हैं, इनमें एक को छोड़ चार नये चेहरे हैं. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगवाल, चीफ खालसा दीवान अमृतसर से सुरेंद्र सिंह, उत्तर प्रदेश सिख प्रतिनिधि बोर्ड से डॉ गुरमीत सिंह जो वर्तमान में भी सदस्य हैं. दिल्ली गुरुद्वारा से सरदार अवतार सिंह हित व कोलकाता सिख प्रतिनिधि बोर्ड से सरदार कमीकर सिंह को सदस्य मनोनीत किया गया है.
पटना सिटी. अनुमंडल पदाधिकारी के कक्ष के बाहर हलका तीन से पराजित प्रत्याशी मनप्रीत सिंह व गुरविंदर सिंह ने मतदान व मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए समर्थकों के साथ कक्ष के बाहर धरना दिया. लगभग एक घंटा तक धरने पर रहे दोनों प्रत्याशी फिर से मतदान कराने की मांग कर रहे थे.
दोनों का कहना था कि नियमों को नजर अंदाज कर कार्य कराया गया है. प्रत्याशी मनप्रीत ने बताया कि फर्जी वोटिंग कराने जाने की शिकायत निर्वाची पदाधिकारी सह एसडीओ, सहायक निर्वाची पदाधिकारी से की है. आवेदन की प्रतिलिपि बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार को भी देने की बात कही. दोनों प्रत्याशियों ने कहा कि निर्वाची पदाधिकारी व प्राधिकार की ओर से पुन: मतदान की मांग पर सुनवाई नहीं हुई, तो पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेंगे ताकि न्याय मिल सके.
