पटना : माध्यमिक स्कूलों को बिना देरी के मिलेगा अनुदान

शिक्षा मंत्री ने बिहार प्रदेश माध्यमिक शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के साथ बैठक में कहा शिक्षा मंत्री ने बिहार राज्य अवर शिक्षा सेवा संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जानी वास्तविक स्थिति पटना : शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि माध्यमिक स्कूलों को निरंतर अनुदान की राशि भेजी जायेगी. इसमें किसी तरह की देरी […]

शिक्षा मंत्री ने बिहार प्रदेश माध्यमिक शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के साथ बैठक में कहा
शिक्षा मंत्री ने बिहार राज्य अवर शिक्षा सेवा संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जानी वास्तविक स्थिति
पटना : शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि माध्यमिक स्कूलों को निरंतर अनुदान की राशि भेजी जायेगी. इसमें किसी तरह की देरी नहीं होगी. जैसे-जैसे स्कूल अपने दिये अनुदान की राशि को खर्च करके इसका उपयोगिता प्रमाण-पत्र विभाग को भेजते जायेंगे, वैसे-वैसे विभाग के स्तर पर राशि जारी होती जायेगी. इसमें किसी तरह की देरी नहीं होगी. मंत्री बिहार प्रदेश माध्यमिक शिक्षक शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करके उनकी समस्याओं से अवगत हो रहे थे.
उन्होंने कहा कि वित्त रहित स्कूलों को अनुदान देने में किसी तरह की कोताही विभागीय स्तर पर नहीं बरती जा रही है. इसमें किसी तरह की समस्या नहीं है. इस दौरान महासंघ ने कई प्रस्ताव रखे, जिस पर शिक्षा मंत्री ने विचार करने के बाद जरूरी बातों को लागू करने का आश्वासन दिया. हाल में शिक्षा विभाग ने 330 करोड़ रुपये अनुदान वित्त रहित स्कूलों को जारी किया था, लेकिन अभी तक यह सभी स्कूलों में बंट नहीं पाया है. इस वजह से अनुदान की दूसरी किस्त भेजी नहीं जा रही है.
अप्रशिक्षित शिक्षकों को ट्रेनिंग करायी जायेगी : इस प्रस्ताव में जिन पंचायतों में मिडिल स्कूल नहीं है, वहां वित्त रहित माध्यमिक स्कूल को मान्यता दी जायेगी. स्कूल के अप्रशिक्षित शिक्षकों को ट्रेनिंग करायी जायेगी.
इस प्रस्ताव को शिक्षा मंत्री ने स्वीकार करते हुए कहा कि इस प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने की कार्रवाई जल्द ही प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी. इसके अलावा स्कूलों की तदर्थ समिति में वित्त रहित स्कूलों के प्रधानाध्यापक को संयोजक बनाया जायेगा. इस बैठक में महासंघ के पदाधिकारियों के अलावा माध्यमिक निदेशक आरपीएस रंजन, उप-निदेशक शिवनाथ प्रसाद, एके पांड्या समेत अन्य मौजूद थे.
राज्य में मौजूद करीब 391 बुनियादी स्कूलों की समस्याओं को लेकर शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा के साथ बिहार राज्य अवर शिक्षा सेवा संघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई. इस बैठक में इन स्कूलों और यहां तैनात शिक्षकों की सभी मूलभूत समस्याओं पर खासतौर से चर्चा की गयी.
लंबी वार्ता के बाद शिक्षा मंत्री ने बुनियादी स्कूलों के शिक्षकों की मांगों पर विचार कर इन्हें जल्द दूर करने का आश्वासन दिया. इनकी सभी मांगों को क्रमवार मानने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी स्कूलों को किसी भी स्थिति में खत्म नहीं किया जायेगा. इन्हें हर तरह से सुविधा संपन्न बनाने की हर तरह से कोशिश की जायेगी.
छह सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन : इस दौरान शिक्षकों ने अपनी छह प्रमुख मांगों को मंत्री के समक्ष रखते हुए ज्ञापन सौंपा. इसमें बुनियादी शिक्षकों के लिए सेवा शर्त का निर्माण करना, मौजूदा पदों में कटौती नहीं करना, संवर्ग पदों की वरीयता सूची सूची में गैर-संवर्ग पदों को शामिल नहीं करना, अवर सेवा से बिहार शिक्षा सेवा में प्रोन्नति देना, बिहार शिक्षा के नियम- 153 के तहत ट्रांसफर करना समेत अन्य मांग प्रमुख हैं.
नियम- 153 के तहत ट्रांसफर करने से इन शिक्षकों का शिक्षण से निरीक्षण और निरीक्षण में शिक्षण में करना शामिल है. शिक्षक प्रतिनिधि मंडल में संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र मोची, सरोज कुमार सिंह, डॉ. अभय कुमार रमण, वेंकट गोपाल, आनंद रंजन और विद्याभूषण शामिल थे.

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