तीन जुलाई को छोटी पहाड़ी पर कंटेनर में विस्फोट और अगलगी के मामले में आयी रिपोर्ट
विस्फोट और अगलगी में तीन लोगों की हुई थी मौत
नितिश
पटना : तीन जुलाई को छोटी पहाड़ी पर हुए कंटेनर में विस्फोट व एसी ट्रांसपोर्ट के गोदाम में अगलगी की घटना में तीन लोगों की मौत मामले में हुई जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है.
जिला प्रशासन व फायर प्रशासन की संयुक्त रूप से जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो गया है कि कंटेनर में आग लगने व विस्फोट होने का एक मात्र कारण उसके अंदर रखी विस्फोटक सामग्री थी. यह सामग्री कंटेनर में गैरकानूनी रूप से रखी गयी थी. इस बात के प्रकाश में आते ही यह स्पष्ट है कि बिना लाइसेंस या इजाजत के विस्फोटक इधर से उधर ले जाया जा रहा था. एक तरह से यह देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है.
जबकि इस पर किसी एजेंसी का ध्यान नहीं है. अगर ध्यान रहता, तो कंटेनर की जांच की जाती. आमतौर पर ट्रक, ट्रैक्टर, जीप या अन्य वाहनों की पुलिस या परिवहन विभाग जांच करती है, लेकिन कंटेनर की जांच नहीं होती है. इसी का फायदा उठाते हुए बंद कंटेनर से विस्फोटक सामग्री को छोटी पहाड़ी पर स्थित एसी ट्रांसपोर्ट गोदाम में लाया गया था और उतारने का काम चल रहा था.
इसी दौरान अत्यधिक गर्मी या कतिपय अन्य कारणों से विस्फोटक सामग्री में आग लग गयी और जोरदार विस्फोट के साथ कंटेनर फट गया था. इसके साथ ही तीन लोगों की मौत हो गयी थी और पांच लोग घायल हो गये थे. विस्फोट की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के घरों के दरवाजे व खिड़की तक डैमेज हो गये थे. इसके साथ ही आग गोदाम के अंदर भी चली गयी थी.
आशंका जतायी जा रही थी बिजली के तार से दुर्घटना की
घटना के बाद यह आशंका जतायी जा रही थी कि गोदाम के तीन मीटर के समीप से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की तार के कारण अगलगी की घटना हुई है. इसके साथ ही यह कयास लगाया जा रहा था कि कंटेनर का टायर ब्लास्ट होने के कारण काफी तेज आवाज हुई थी.
लेकिन जांच के दौरान यह बात निराधार साबित हुई. कंटेनर का एक बड़ा हिस्सा विस्फोट में उड़ गया था और यह टायर फटने से नहीं हो सकता था. उसमें कोई विस्फोटक सामग्री रखी थी और उसके विस्फोट के कारण ही मोटे चदरे के कंटेनर का बड़ा हिस्सा उड़ गया था. विस्फोट होने व आग लगने का एक ही कारण सामने आया और वह कंटेनर के अंदर चोरी-छिपे विस्फोटक सामग्री का रखना था.
गोदाम की भी नहीं की जाती जांच
इस घटना में एक और बात प्रकाश में आयी है कि गाेदामों की भी जांच नहीं की जाती है. कौन व्यक्ति अपने गोदाम में क्या रख रहा है. उसने इसके लिए लाइसेंस लिया है या नहीं, इसे कोई देखने वाला नहीं है. छोटी पहाड़ी पर जिस एसी गोदाम में कंटेनर फटने के बाद आग लगी थी, उसका कोई कागजात मौजूद नहीं है.
उक्त गोदाम का मालिक आलमगंज निवासी गिरजा शंकर प्रसाद है, जबकि उसे लीज पर दिल्ली के एसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के अंशुल अरोड़ा ने लीज पर ले रखा था. गोदाम में कोई फायर उपकरण नहीं था. कंटेनर को गोदाम के निकास द्वार पर रोक कर सामान को उतारने का काम हो रहा था. इसी दौरान उसमें रखे विस्फोटक में आग लग गयी थी और विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गयी थी. इस घटना ने जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाया है.
