मसौढ़ी : पुनपुन प्रखंड प्रमुख गुड़िया कुमारी के खिलाफ बीते सप्ताह लाया गया अविश्वास प्रस्ताव कोरम पूरा नहीं होने की वजह से पारित नहीं हो पाया.
सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव के लिए बुलायी गयी बैठक में 18 सदस्यों वाली पंचायत समिति में प्रमुख वउपप्रमुख समेत मात्र चार सदस्य ही सदन में पहुंच सके. प्रखंड विकास पदाधिकारी सह कार्यपालक पदाधिकारी निवेदिता ने नियमावली का हवाला देते हुए दिये गये समयावधि के एक घंटे तक सदस्यों का इंतजार करने को कहा, लेकिन कोई भी सदस्य सदन में उपस्थित नहीं हो सका.
बाद में उन्होंने प्रखंड प्रमुख के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इस प्रकार प्रखंड प्रमुख की कुर्सी बरकरार रह गयी.गौरतलब है कि बीते सप्ताह समिति सदस्य जुली कुमारी समेत आधा दर्जन से अधिक महिला व दो पुरुष सदस्यों ने प्रखंड प्रमुख के खिलाफ अविश्वास जताते हुए कहा था कि प्रखंड प्रमुख सदस्यों का समर्थन खो चुकी हैं. इस संबंध में उन्होंने एक आवेदन प्रखंड विकास पदाधिकारी को देते हुए सदन की बैठक बुला प्रमुख को सदस्यों का अपना समर्थन दिखाने की मांग की थी.
बाद में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सोमवार की तिथि निर्धारित करते हुए सदस्यों की बैठक प्रमुख के सलाह के बाद बुलायी थी. सोमवार को प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को बीडीओ ने जैसे की खारिज करने की घोषणा की, बाहर मौजूद उनके सैकड़ों समर्थकों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया. प्रमुख जैसे ही सदन से बाहर निकली समर्थकों ने उन्हें फूल माला से लाद दिया. मौके पर पाटलिपुत्र सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के उपाध्यक्ष राजीव कुमार उर्फ गांधी जी, पैक्स अध्यक्ष शैलेश पटेल सिंटू कुमार आदि मौजूद थे.
अधिकतर सदस्य सदन में रहे अनुपस्थित
प्रखंड प्रमुख गुड़िया कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्यों में प्रमुख जुली कुमारी समेत अन्य सदस्य सोमवार को बुलायी गयी बैठक में अनुपस्थित रहे. इससे प्रखंड प्रमुख के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर न तो बहस हो सकी और न ही वोटिंग हुई. आवश्यक संख्या में सदस्यों के नहीं पहुंचने की वजह से कोरम पूरा नहीं होने का हवाला देते बीडीओ निवेदिता ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया.
फतुहा. प्रखंड प्रमुख रेखा देवी और उपप्रमुख रजनीश कुमार के खिलाफ प्रखंड के सात पंचायत समित सदस्यों द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव सोमवार को खारिज हो गया
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इस संबंध में बीडीओ मृत्युंजय कुमार ने बताया कि प्रखंड प्रमुख रेखा देवी और उपप्रमुख के खिलाफ लाये गये अविश्वास प्रस्ताव के आलोक में सोमवार को विशेष बैठक बुलायी गयी थी, जिसमें 18 में से मात्र आठ सदस्य ही पहुंच पाये. बैठक की अध्यक्षता लाला भगत ने किया, जिसमें लगाये गये सभी आरोप खारीज हो गये और प्रमुख और उपप्रमुख की कुर्सी बच गयी.
