पटना : प्रयास भारती में पली-बढ़ी, वहीं जॉब किया और अब कर ली आत्महत्या

पटना : प्रयास भारती एनजीओ में काम करनेवाली स्मृति कुमारी (22) की रविवार को मौत हो गयी. उसके कमरे से शव को बरामद किया गया. एनजीओ प्रतिनिधि के मुताबिक रविवार की सुबह उसकी लाश छत की कुंडी से लटकी हुई मिली है. स्मृति के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है. यह नोट पुलिस […]

पटना : प्रयास भारती एनजीओ में काम करनेवाली स्मृति कुमारी (22) की रविवार को मौत हो गयी. उसके कमरे से शव को बरामद किया गया. एनजीओ प्रतिनिधि के मुताबिक रविवार की सुबह उसकी लाश छत की कुंडी से लटकी हुई मिली है.
स्मृति के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है. यह नोट पुलिस के कब्जे में है. पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट में लिखा गया है कि ‘ मैं जीना नहीं चाहती हूं, मुझे एनजीओ से काेई शिकायत नहीं है’.
हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि जब सब कुछ था, तो उसने मरने का फैसला क्यों किया? इसका जवाब न तो एनजीओ के पास है और न ही सुसाइड नोट में है. पुलिस के सामने इस गुत्थी को सुलझाना बड़ी चुनौती है. एनजीओ के लोगों का कहना है कि उन्हें कुछ भी पता नहीं. ऐसे में सीधे तौर पर युवती की मौत को सुसाइड मान लेना, कहीं से भी उचित नहीं दिखता.
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है. स्मृति के कमरे से बरामद सुसाइड नोट उसी का ही लिखा हुआ है, इसकी जांच पुलिस करायेगी.
स्मृति की हैंड राइटिंग और सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग का मिलान कराया जायेगा. एक्सपर्ट की यह जांच रिपोर्ट सच से पर्दा उठायेगी. क्योंकि मौत की वजह स्पष्ट नहीं होने से मामला अभी संदिग्ध है. स्मृति कुमारी को वर्ष 2012 में पटना जीआरपी ने जंक्शन पर लावारिस हालत में बरामद किया था.
उस समय वह नाबालिग थी. जीआरपी ने उसे प्रयास भारती में भेज दिया था. तभी से वह प्रयास भारती में रहती थी. यहां पर रहकर पली-पढ़ी और अब प्रयास भारती में ही उसे नौकरी मिल गयी थी. उसे वेतन मिलता था.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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