पटना : पिछले कुछ अरसे से सामने आये वित्तीय घोटालों में बैंक प्रबंधन की सहभागिता से बैंकों की गिर रही साख को लेकर आरबीआई गवर्नर डॉ उर्जित पटेल ने गुरुवार को सेंट्रल बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में बैंक की गिरती साख को कैसे संभाला जाये, इसकी रणनीति बनायी गयी. डॉ पटेल ने तमाम वित्तीय सुधारों से जुड़े जरूरी गुरुमंत्र भी दिये. बैठक की अध्यक्षता करते हुए गवर्नर ने दो टूक कहा कि बैंकों को अपने कामकाज में पारदर्शिता लानी होगी. उन्हेें जवाबदेह भी बनना होगा.
उन्होंने एनपीए रोकने के लिए बैंकों को सख्ती बरतने का निर्देश दिये. यह बैठक पटना स्थित आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में हुई. बैठक के आधिकारिक निर्देशों एवं फैसलों के बारे में जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गयी है. इसके अलावा बैठक में भारतीय अर्थव्यवस्था के तमाम पहलुओं पर चर्चा की गयी.
उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बीते बुधवार को आरबीआई गवर्नर डा उर्जित पटेल से एक अनौपचारिक मुलाकात की थी. इस दौरान बिहार की अर्थव्यवस्था के संदर्भ में डा पटेल ने जानकारी हासिल की. इसमें काफी रुचि भी दिखायी.
बिहार की बैंकिंग व्यवस्था पर भी चर्चा हुई. इससे वे संतुष्ट भी नजर आये.
2010 में भी हुई थी बैठक
इससे पहले आरबीआई के सेंट्रल बोर्ड की बैठक पटना में दो बार हो चुकी है. यह बैठक तीसरी बार हुई है.इससे पहले अंतिम बार सेंट्रल बोर्ड की बैठक वर्ष 2010 में हुई थी. इस बैठक की अध्यक्षता बैंक के तत्कालीन आरबीआई गवर्नर डी सुब्बाराव ने की थी.
एनपीए, जमा और साख के विषय पर हुई िवस्तृत चर्चा
करीब दो घंटे चली बैठक में आरबीआई की सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में बतौर निदेशक उप गवर्नर एन एस विश्वनाथन, उप गवर्नर बी पी कानूनगो, विरल आचार्य एवं महेश कुमार जैन मौजूद रहे.
इसके अलावा इस बैठक में सेंट्रल बोर्ड के बारह अन्य निदेशक भी शामिल रहे. सूत्रों के मुताबिक बैठक में खास तौर पर बैंकों की गिरती साख के बारे में चिंता व्यक्त की गयी. इसे सुधारने के लिए कौन से जरूरी कदम उठाये जाने चाहिए, इस संदर्भ में जरूरी निर्णय लिये गये. इसके अलावा बैठक में बढ़ते एनपीए (नॅन परफार्मिंग एसेेट्स)खातों, जमा और साख के विषयों पर चर्चा की गयी. इनमें सकारात्मक सुधारों के लिए जरूरी मंथन भी किया गया.
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस मैराथन बैठक में केंद्र की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं को प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया.
इसके अलावा ऋण वसूली में बेहतर प्रदर्शन करने की बात भी कही गयी. इस संबंध में बैंकों को जरूरी गाइडलाइन दी जायेगी. बैठक में आरबीआई के क्षेत्रीय (बिहार-झारखंड)निदेशक एन पी टोपनो के अलावा किसी भी क्षेत्रीय अफसर को शामिल नहीं किया. बैठक बेहद गोपनीय रखी गयी. करीब दो घंटे चली बैठक के दरम्यान आरबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में जबरदस्त सुरक्षा थी. आने जाने वालों की गहन पड़ताल की गयी.
