विभाग के विशेष सचिव ने कहा – अफवाह पर नहीं दें ध्यान
पटना : खान व भूतत्व विभाग के विशेष सचिव सह निदेशक असंगबा चुबा आओ ने कहा कि प्रदेश भर में एक जुलाई से तीन माह के लिए खनन पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गयी है. लेकिन, बालू का स्टॉक पर्याप्त है. किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं है. जिसको जितना बालू चाहिए, उपलब्ध है. कुछ लोग अफवाह उड़ा रहे हैं कि बालू कम है. यह जानकारी में आयी है कि कुछ जिलों में बालू की कमी का हवाला देते हुए रेट बढ़ा दी जा रही है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने एक हजार से करीब 1300 रुपये (प्रति सौ सीएफटी) रेट तय की है. स्टॉकिस्ट से इसी रेट पर बालू मिलेगा. ट्रांसपोर्टर स्टॉकिस्ट से बालू लेकर मनमर्जी रेट में बेच सकेगा, इसलिए ग्राहकों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.
करीब 30 करोड़ सीएफटी बालू है स्टॉक में : विशेष सचिव सह निदेशक ने कहा कि बिहार में बालू की कमी नहीं है. लाइसेंसधारियों के पास स्टॉक किया गया है.
करीब 25 करोड़ सीएफटी बालू स्टॉक में है. लाइसेंसधारियों के यहां स्टॉक का सत्यापन कराया जा चुका है. तीन माह खनन पर रोक रहने के कारण बालू इन्हीं लाइसेंसधारियों के माध्यम से बालू बिकेगा. विभाग ने इनको लाइसेंस जारी किया है. इसके अलावा बालू घाट से बाहर स्टॉकिस्ट के रूप में भी लाइसेंस जारी हुए हैं.
ताजा आंकड़ों के मुताबिक बिहार में 662 लोगों ने अब तक लाइसेंस लिया है. इनके पास 4.5 करोड़ सीएफटी बालू स्टॉक में है. इसकी बिक्री के लिए प्रीपेड चालान की व्यवस्था है. इसके अलावा बिहार माइनिंग कॉरपोरेशन ने भी बफर स्टॉक बनाया है. करीब नौ लाख सीएफटी बालू है.
यह स्टॉक लगातार बढ़ाया जा रहा है, ताकि सरकारी विकास कार्यों में कोई परेशानी नहीं आये. यहां से किफायती रेट पर बालू उपलब्ध होगा. सात निश्चय योजना, नाली गली योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं के लिए यहां बालू उपलब्ध है.
प्रधान सचिव ने की थी बैठक
असंगबा चुबा आओ ने बताया कि प्रधान सचिव ने दो जुलाई को ही सभी लाइसेंसधारियों की बैठक की थी. उन्होंने किसी भी गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. निदेशक ने कहा कि बालू की कमी का हवाला देकर कुछ लोग कीमत ज्यादा वसूल रहे हैं. इसलिए अफवाह पर ध्यान न दें. बालू की कोई कमी नहीं है. अनौपचारिक रूप से सरकार ने एक हजार से 1300 रुपये (प्रति सौ सीएफटी) की रेट तय की है.
परंतु यह रेट स्टॉकिस्ट तक के लिए ही है. इससे बाहर जाने के बाद रेट पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया कि ट्रांसपोटेशन खर्च आदि को लेकर रेट ऊपर-नीचे हो सकता है.
एप पर करें शिकायत, होगी कार्रवाई
निदेशक ने कहा कि जल्दी ही विभाग एक विशेष एप लांच करने जा रहा है. इसमें शिकायतकर्ता शिकायत कर सकते हैं. खास बात यह होगी कि फोटो कहां का है इसकी जानकारी एप से ही मिल जायेगी. इस पर अभी काम चल रहा है. जल्दी ही इसकी घोषणा कर दी जायेगी. दूसरी ओर ड्रोन से निगरानी की कवायद भी चल रही है.
