अनुपम कुमार
पटना : एयरफोर्स से साढ़े सात एकड़ जमीन बदलेन के इंतजार में बिहटा एयरपोर्ट के जमीन अधिग्रहण का मामला अटक गया है. राज्य सरकार ने बिहटा एयरपोर्ट के निर्माण के लिए किसानों से 126 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया है.
इसके एवज में जिला प्रशासन द्वारा किसानों को मुआवजा राशि का वितरण किया जा चुका है. इसके बावजूद एयरपोर्ट ऑथोरिटी को जमीन नहीं सौंपी जा सकी है. इसकी वजह एयरफोर्स की साढ़े सात एकड़ जमीन है, जो बिहटा एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित जमीन के बीच में पड़ती है. इससे वहां टर्मिनल भवन और सिविल इन्क्लेव के निर्माण में बाधा आती, जिसे दूर करने के लिए राज्य सरकार ने एयरफोर्स से जमीन की अदला-बदली का प्रस्ताव रखा है.
एयरफोर्स को सिविल एनक्लेव के लिए अधिगृहित जमीन के बीच में पड़ने वाली जमीन के बदले एयरफोर्स स्टेशन के पास की जमीन को देने का प्रस्ताव दिया गया है. एयरफोर्स स्टेशन ने इसे स्वीकृति के लिए नयी दिल्ली स्थित एयरफोर्स मुख्यालय भेजा है. वहां से स्वीकृति मिलने के बाद एयरफोर्स से जमीन बदलेन का काम पूरा किया जायेगा.
शुरू हो गया पिलर लगाने का काम
राज्य सरकार के द्वारा जमीन अधिग्रहण अभी अंतिम रूप से पूरा नहीं हुआ है. इसके बावजूद अधिग्रहित जमीन पर पिलर लगाने का काम शुरू हो गया है. एयरफोर्स की जमीन अधिग्रहित जमीन के उत्तरी हिस्से में पड़ती है. इसलिए जमीन में पिलर लगा कर उसके डिमार्केशन का काम दक्षिण की तरफ से शुरू किया गया है. जब तक दक्षिणी हिस्से में पिलर लगाने का काम पूरा होगा, तब तक एयरफोर्स के द्वारा जमीन बदलेन को सहमति मिल जाने की संभावना है.
– 30 एकड़ भूमि अधिग्रहण अब भी चुनौती : बिहटा एयरफोर्स स्टेशन के रनवे के पास स्थित 30 एकड़ जमीन का अधिग्रहण राज्य सरकार के समक्ष अब भी एक चुनौती है. एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने 900 मीटर लंबा एप्रोच लाइट लगवाने के लिए राज्य सरकार 156 एकड़ जमीन भी मांगी थी. जिसे सरकार ने कम करने को कहा था.
– भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद चहारदीवारी के लिए होगा एमओयू : भूमि अधिग्रहण पूरा होने पर बिहटा एयरपोर्ट के चहारदीवारी का निर्माण शुरू होगा. इसके लिए बिहार स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन के साथ एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया एमओयू साइन करेगी. चहारदीवारी के निर्माण पर 12.76 करोड़ खर्च होंगे.
