पटना : 65.65 करोड़ रुपये से पाटलिपुत्र जंक्शन को विकसित किया जायेगा. इसके तहत यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जायेगा. खास बात यह है कि इसकी पूरी योजना बन चुकी है और पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने इसे स्वीकृति देते हुए राशि भी उपलब्ध करा दी है. गौरतलब है कि पाटलिपुत्र पहुंचने वाले रेल यात्रियों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है.
खासकर, गर्मी और बारिश के दिनों में यात्रियों की परेशानी काफी बढ़ जाती है. पूरे प्लेटफॉर्म पर शेड नहीं है और न ही वेडिंग हॉल की पर्याप्त सुविधा है. इन सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए दानापुर रेलमंडल डीआरएम रंजन प्रकाश ठाकुर ने योजना बनायी है. पटना जंक्शन पर बढ़ रही भीड़ और ट्रेनों के संचालन का भार देखते हुए इसके विकल्प के रूप में पाटलिपुत्र जंक्शन बनाया गया है.
चरणबद्ध तरीके से योजना की जायेगी पूरी
पाटलिपुत्र जंक्शन के दोनों ओर 16 किलोमीटर तक रेलवे लाइन के किनारे बाउंड्री दिया जायेगा, ताकि जंक्शन की शत प्रतिशत घेराबंदी की जा सके. वहीं, असामाजिक तत्वों का आना-जाना बंद हो जाये.
इसके साथ ही प्लेटफॉर्म संख्या-दो पर 63 लाख की लागत से वाटर हाईड्रेंट लगाया जायेगा, ताकि ट्रेनों के डिब्बे में आसानी से पानी भरा जा सके. प्लेटफॉर्म संख्या-एक, दो व तीन पर 4.52 करोड़ की लागत से शेड लगाया जायेगा.
2.49 करोड़ की लागत से एक और फूट ओवरब्रिज बनाया जायेगा जिसकी चौड़ाई 20 फीट होगी. वर्तमान फूट ओवरब्रिज का विस्तार करते हुए दूसरे छोर की सड़क से मिलाया जायेगा, ताकि स्टेशन के दोनों छोर से रेल यात्री आ-जा सकेंगे.
दानापुर रेलमंडल के पीआरओ संजय प्रसाद ने बताया कि पाटलिपुत्र स्टेशन को विकसित करने को लेकर 15 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी है. वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक कई योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है, ताकि प्लेटफॉर्म पर यात्री सुविधाओं की कमी नहीं रहे.
सर्कुलेटिंग एरिया को किया जायेगा विकसित
प्लेटफॉर्म से सर्कुलेटिंग एरिया काफी नीचे होने से हमेशा पानी का रिसाव होते रहता है और पार्किंग एरिया में पानी भराव की समस्या बनी रहती है. व्यवस्थित सर्कुलेटिंग एरिया नहीं होने से ऑटो से लेकर वाहन तक जैसे-तैसे लगे रहते हैं. सर्कुलेटिंग एरिया को रि-डेवलप करने पर डेढ़ करोड़ खर्च किये जायेंगे.
