पटना : राज्य में पहली जुलाई से 30 सितंबर यानी तीन माह तक आधिकारिक तौर पर नदियों से बालू खनन पर रोक रहेगी. इस अवधि में पहले से भंडारित बालू की बिक्री होगी. बंदोबस्तधारियों ने सभी जिलों में बालू का पर्याप्त भंडार कर लिया है. खान एवं भूतत्व विभाग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्य में करीब 18 करोड़ घनफुट बालू का भंडारण कर लिया गया है. इसके सत्यापन का काम दो दिनों बाद शुरू होगा. इसके पहले बंदोबस्तधारियों से ही उनके भंडार की रिपोर्ट मांगी गयी है.
बालू खनन तीन महीने के लिए बंद
पटना : राज्य में पहली जुलाई से 30 सितंबर यानी तीन माह तक आधिकारिक तौर पर नदियों से बालू खनन पर रोक रहेगी. इस अवधि में पहले से भंडारित बालू की बिक्री होगी. बंदोबस्तधारियों ने सभी जिलों में बालू का पर्याप्त भंडार कर लिया है. खान एवं भूतत्व विभाग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्य […]

सत्यापित भंडार के अनुरूप ही ई-चालान जारी किये जायेंगे. वहीं, शनिवार देर रात तक पटना, भोजपुर, औरंगाबाद, कैमूर समेत सभी प्रमुख जिलों में बालू भंडारण होता रहा. इस कारण सामान्य बालू की बिक्री भी प्रभावित हुई. अधिकतर जगह खनन स्थलों पर ट्रकों की लंबी कतारें लगी रहीं. उधर, नेटवर्क की समस्या और सर्वर के धीमा चलने से ई-चालान जारी करने में परेशानी हो रही है. विभाग के सहायक निदेशक संजय कुमार के मुताबिक सभी बंदोबस्तधारी नदी से 300 फुट दूर बालू का भंडारण कर रहे हैं. 30 जून की मध्य रात्रि तक बंदोबस्तधारियों व लाइसेंसधारियों को भंडारण करने की अनुमति थी.