कुमार आशीष @मधेपुरा
फॉर्च्यूनर गाड़ी व एसी कमरे में ऐयाशी करने वाले सुमन व प्रियंका की मुश्किलें कम नहीं होने वाली है. दिल्ली के व्यवसायी से करोड़ों रुपये की ठगी मामले में दिल्ली पुलिस सहरसा जिले के बनगांव निवासी सुमन से तफ्तीश कर रही है. वहीं, गांव के चौपाल से लेकर सोशल मीडिया के प्लेटफाॅर्म पर अभी सुमन व प्रियंका के राज खुल रहे हैं. इन चर्चाओं पर यकीन करें तो 11 करोड़ रुपये की ठगी करने वाली इन ठग दंपति ने करोड़ों रुपये सहरसा व बनगांव में निवेश कर दिये हैं. इसमें रियल इस्टेट, लकड़ी कारोबार सहित ड्रग्स के कारोबार की बात सामने आ रही है. हालांकि इन बिंदुओं पर सीबीआई भी नजर बनाये हुई है. मंगलवार को सहरसा पहुंची सीबीआइ टीम ने स्थानीय पुलिस को बगैर सूचना दिये सुमन के संभावित ठिकाने पर भी छापेमारी की थी. इधर बुधवार की शाम जिले के वरीय पुलिस अधिकारियों ने सुमन के बनगांव स्थित घर पर छापेमारी की थी. इसमें पुलिस द्वारा घर का ताला तोड़ कई आपत्तिजनक सामान भी जब्त किये गये है. हालांकि इस विषय में पुलिस अधिकारी जांच पूरी होने तक कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं.
सीसीटीवी डीवीआर साथ ले गयी सीबीआई : ठग सुमन की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की एक टीम ने सहरसा के सदर थाना स्थित मीरटोला स्थित एक लकड़ी कारोबारी सरफराज के आरा मशीन पर भी छापेमारी की है. इस दौरान मिल में मिले आवश्यक कागजात व सीसीटीवी कैमरे भी सीबीआई अपने साथ ले गयी है. सीबीआई की टीम आरा मशीन परिसर में किसी दिलीप सिंह की तलाश कर रही थी.
सहरसा-सुपौल हाइवे पर है प्लाॅट : विभिन्न प्रकार के व्यवसाय में त्वरित निवेश के अलावा सुमन व उसकी पत्नी प्रियंका ने रियल स्टेट में भी काफी निवेश किये हैं. बनगांव के लोग बताते हैं कि सहरसा-सुपौल स्टेट हाइवे पर बनगांव चौक के समीप डेढ़ करोड़ रुपये में बड़ी डील साल भर पहले हुई थी. इस जमीन पर शाम के समय सुमन अक्सर देखा जाता था. सीबीआई जमीन मालिक से हुए लेनदेन को भी खंगालेगी.
गिरोह के अन्य सदस्यों पर कसेगा शिकंजा : दिल्ली के उस व्यवसायी के अलावा सुमन व प्रियंका की जोड़ी ने दर्जनों धनाढ्य व प्रभावशाली लोगों को अपना निशाना बनाया है. सीबीआई की टीम सुमन से सभी बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है.
महंगी गाड़ियों का शौकीन है सुमन
ग्रामीण बताते हैं कि सुमन महंगी गाड़ियों का शौकीन है. अक्सर नयी-नयी कीमती गाड़ियों से उसका गांव में आना-जाना लगा रहता था. इसमें फॉर्च्यूनर के अलावा होंडा सिटी, सफारी सहित कई मॉडल उसके पास थे. लोग कहते हैं कि एक महीना पहले ऑडी से वह गांव में आया था. इस पर पटना जिले का नंबर अंकित था. इसके अलावा बनगांव व सहरसा में कई लोगों के नाम से भी चारपहिया वाहनों की खरीद करता था.
