गैर सरकारी संगठनों की चिंताओं को सदन में उठाना होगा: रणबीर नंदन

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार में स्वयंसेवी संस्थाओं के कामकाज के लिए पॉजिटिव माहौल बना है. उक्त बातें जदयू के एमएलसी रणबीर नंदन ने आज सेवा केंद्र कुर्जी में सिकंदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्था सेंटर फॉर वर्ल्ड सॉलिडेरिटी की बिहार इकाई के दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मलेन के उद्‌घाटन अवसर पर कही. […]

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार में स्वयंसेवी संस्थाओं के कामकाज के लिए पॉजिटिव माहौल बना है. उक्त बातें जदयू के एमएलसी रणबीर नंदन ने आज सेवा केंद्र कुर्जी में सिकंदराबाद स्थित अंतरराष्ट्रीय संस्था सेंटर फॉर वर्ल्ड सॉलिडेरिटी की बिहार इकाई के दो दिवसीय राज्य स्तरीय सम्मलेन के उद्‌घाटन अवसर पर कही. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के कारण बिहार में स्वयंसेवी संस्थाओं के पक्ष में पॉजिटिव माहौल बना है.

जीविका की महिलाओं के कहने पर बिहार में शराबबंदी लागू की गयी. उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर बिहार में स्वयं सेवी संस्थाओं को काम करने में कोई दिक्कत आती है, तो इस मसले को संसद और विधान मंडल में उठाया जायेगा. उन्होंने इस अवसर पर यह घोषणा की कि सेंटर फॉर वर्ल्ड सॉलिडेरिटी दस पंचायतों का चयन करे, जहां किशोरियों को रोजगारपरक ट्रेनिंग देने के लिए वे हर पंचायत में दो कंप्यूटर एमएलसी फंड से मुहैया करायेंगे. इस अवसर पर उन्होंने सेंटर फॉर वर्ल्ड सॉलिडेरिटी की लाइवलीहुड के मुद्दे पर काम करने के लिए तारीफ़ की और संस्था के कार्यों में हर संभव सहयोग का वायदा किया.

इस अवसर पर बोलते हुए राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष मुहम्मद सलाम ने कहा कि अगर बिहार में कहीं भी राशन देने के मामले में गड़बड़ी होती है, तो उन्हें बताया जाय. वे इन मामलों में त्वरित एक्शन लेंगे.Landesa के डायरेक्टर विनय ओहदार ने कहा आधुनिक समाज में सिविल सोसाइटी का कोई रिप्लेसमेंट नहीं है. केंद्र सरकार के कई प्रगतिशील कानूनों यथा राइट टू एजुकेशन, राइट टू फ़ूड, मनरेगा, फारेस्ट राइट्स एक्ट के बनने और कार्यान्वयन में गैर सरकारी संगठनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
मौके पर सेंटर फॉर वर्ल्ड सॉलिडेरिटी के ट्रस्टी अनिल सिंह ने कहा कि गैर सरकारी संगठनों के द्वारा सरकार की गलत नीतियों के विरोध को राष्ट्रद्रोह से न जोड़ा जाये, बल्कि देश के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास की दशा और दिशा तय करने में नागरिक समाज की भी मदद ली जाये.
इस अवसर सेंटर फॉर वर्ल्ड सॉलिडेरिटी की पार्टनर संस्थाओं ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट पेश की. सेंटर फॉर वर्ल्ड सॉलिडेरिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ ज्ञाना प्रकाशम् ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि पंचायत सिर्फ केंद्र सरकार की योजनाओं की इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी न बन कर रह जाये, बल्कि सही अर्थ में ग्रास रूट पर डेमोक्रेसी और सशक्तीकरण का वाहक बने. इस अवसर पर सेंटर फॉर वर्ल्ड सॉलिडेरिटी बिहार के डायरेक्टर बालेंदुशेखर ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस मौके पर काफी संख्या में सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधि उपस्थित थे.

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