शनिवार को श्रीकृृष्ण मेमोरियल हॉल में जदयू पार्टी के दूसरे गुट द्वारा आयोजित जन अदालत का फैसला है, महागठबंधन जारी है. उन्होंने कहा कि मैं जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भाग लेने आया था लेकिन वो कहते हैं कि ये पार्टी आपकी है ही नहीं. बिहार में राजद व कांग्रेस के साथ महागठबंधन बनाया. जनता के साथ पांच साल का वादा किया था. नीतीश कुमार का नाम लिये बगैर कहा कि यहां भी गठबंधन बिखर गया. गठबंधन टूटना ठीक नहीं है. गठबंधन रहता तो देश में आगे बढ़ता. बिहार में बाढ़ में हुई मौत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पानी का इंतजाम होता तो बिहार व यूपी सोना उगलता. अली अनवर व रमई राम के नेतृत्व में टीम गठित कर बाढ़ इलाके का मुआयना करने के लिए कहा गया है. कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मंत्री रमई राम ने की. उन्होंने कहा कि देश में दो धारा एक मोहन भागवत की और दूसरा आंबेडकर धारा चल रही है.
जिसने घर बनाया उसे कर दिया बेघर : शरद

जिसने घर बनाया उसे कर दिया बेघर : शरद
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पटना: जदयू नेता शरद यादव ने पार्टी पर दावा करते हुए कहा कि जदयू मेरी पार्टी है. जिस घर को हमने बनाया व बचाया, हमें ही घर से बेघर करने की बात कही गयी. लोग कह रहे हैं कि यह उसका घर नहीं है. अपने विरोधियों पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि हमने राह […]
पटना: जदयू नेता शरद यादव ने पार्टी पर दावा करते हुए कहा कि जदयू मेरी पार्टी है. जिस घर को हमने बनाया व बचाया, हमें ही घर से बेघर करने की बात कही गयी. लोग कह रहे हैं कि यह उसका घर नहीं है. अपने विरोधियों पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि हमने राह नहीं बदली. उन्होंने राह बदली है. राह बदलनेवाले का जनता फैसला करेगी.
महागठबंधन से बढ़ा था कद
जदयू नेता अली अनवर ने कहा कि महागठबंधन बनने के बाद नीतीश कुमार का कद बढ़ा था. महागठबंधन तोड़ने के बाद उनका कद बौना हो गया है. मेरा जमीर इजाजत नहीं देता कि वे जहां गये मैं भी चला जाऊं. लड़ाई उसूलों की की है. 26 जुलाई को राजनीति की धारा ने समाजवादियों की राह बदल दी. जदयू नेता अरुण श्रीवास्तव ने जदयू नेताओं को कहा कि पार्टी से इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है. शरद यादव ने पार्टी बनाया है. पूर्व मंत्री अर्जुन राय ने कहा कि भाजपा से नहीं मिलनेवाले लोग मिले भी व मिट्टी में भी मिल गये. कार्यक्रम में पूर्व विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रतन लाल, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, पूर्व सांसद राजवंशी महतो, धनिक लाल मुखिया सहित अन्य ने संबोधित किया. संचालन संतोष यादव ने किया.
शोक प्रस्ताव पारित
कार्यक्रम में बाढ़ से हुई मौत, गोरखपुर में बच्चों की मौत व जदयू से निकाले गये राजकिशोर प्रसाद सिन्हा की मौत पर शोक पारित कर एक मिनट का मौन रखा गया.