नयी पार्टी का सवाल ही नहीं : शरद

19 को जदयू की बैठक में शामिल हो सकते हैं पार्टी के पूर्व अध्यक्ष पटना/नयी दिल्ली : जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद शरद यादव ने साफ कहा है कि नयी पार्टी बनाने का सवाल ही नहीं है. उन्होंने जदयू की स्थापना की है और अभी उसी में हैं. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी […]

19 को जदयू की बैठक में शामिल हो सकते हैं पार्टी के पूर्व अध्यक्ष
पटना/नयी दिल्ली : जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद शरद यादव ने साफ कहा है कि नयी पार्टी बनाने का सवाल ही नहीं है.
उन्होंने जदयू की स्थापना की है और अभी उसी में हैं. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और राष्ट्रीय परिषद की बैठक 19 अगस्त को पटना में है, जो पहले दिल्ली में प्रस्तावित थी. फिलहाल आमंत्रण नहीं मिला है, लेकिन आमंत्रण मिलने के बाद बैठक में जायेंगे. जो भी बातें हैं, उसी बैठक में रखेंगे.
उन्होंने साफ किया कि सांप्रदायिकता के खिलाफ साझी विरासत को लेकर दिल्ली में 17 अगस्त को दिल्ली एक बैठक बुलायी गयी है. इसके लिए आमंत्रण मिला है, उसमें जा सकते हैं. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा तो मुझे कुछ मालूम ही नहीं है. मीडिया में ही बात आयी कि पांच को मिल रहे हैं अौर अब आ रही है कि आठ को मिलेंगे.
साझी विरासत के लेकर करेंगे यात्रा
सूत्रों का कहना है कि शरद यादव पूरे बिहार का दौरा करेंगे. उनके दौरे के कार्यक्रम को अभी पूरी तरह से फाइनल नहीं किया गया है, लेकिन संभावना जतायी जा रही है कि वह संसद सत्र के बाद प्रत्येक जिलों में जाकर अपनी बात रखेंगे.
शरद के नजदीकी विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि राज्य में नये गठजोड़ को लेकर वह स्तब्ध हैं. अब उन्होंने फैसला किया है कि वह सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ायेंगे. वह साझी विरासत को मजबूत करने के लिए देश भर की पार्टियों को इकट्ठा करेंगे और देश भर का दौरा भी करेंगे.
बताया जा रहा है कि शरद यादव अभी राजद के साथ न जाकर अपनी अलग लाइन लेकर चलेंगे. इस साझी विरासत की मुहिम में बहुत सारे दल और नेता को जोड़ेंगे, उसके बाद निर्णय लेंगे कि उन्हें आगे क्या करना है. शरद यादव लालू प्रसाद के पुत्र मोह को लेकर भी नाराज है. हवाला मामले में शरद यादव खुद ही लोकसभा से त्यागपत्र दिया था, इसलिए भ्रष्टाचार के मामले में तेजस्वी का बचाव करना और राजद के साथ तत्काल जुड़ने में थोड़ी हिचक भी हो रही है.
हालांकि, उन्हें लगता है कि इस समस्या का समाधान निकाला जा सकता था, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से इस विषय में किसी से कोई परामर्श नहीं किया गया. जबकि जदयू के वरिष्ठ नेता का कहना है कि मुख्यमंत्री जी राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सीधे उनके आवास पर गये थे और उनको पूरी बात बतायी थी. शरद जी को भी पता है कि भ्रष्टाचार के मामले में मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस नीति शुरू से रही है.
शरद ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे भ्रष्टाचार को मान्यता मिले : त्यागी
जदयू के प्रधान महासचिव सह राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि शरद यादव ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे भ्रष्टाचार को मान्यता मिले और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कमजोर पड़ें. वे पार्टी के बड़े नेता हैं और किसी मामले को लेकर असहमति उनका अधिकार है.
जहां तक राजद में उनके शामिल होने का सवाल है, तो वे ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौडा, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान व शरद यादव लालू प्रसाद के परिवारवाद व भ्रष्टाचार के खिलाफ अलग हुए थे और नयी पार्टी बनायी थी. यह कल्पना से परे है कि शरद यादव का नाम लालू प्रसाद से जोड़ा जाये. केसी त्यागी ने राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह व मनोज झा को गिद्ध करार दिया और कहा कि वे बाज नहीं हो सकते हैं.
बाज तो खुद शिकार करता है, लेकिन गिद्ध हमेशा अपने शिकार के मरने का इंतजार करता है. उन्होंने कहा कि शरद यादव पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं. 19 की बैठक के लिए पहले सदस्य के रूप में उन्हें आमंत्रित किया जायेगा. उन्हें शुक्रवार को आमंत्रण भेजा जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Tags
JDU

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >