पटना : बिहार में वर्तमान सियासी समीकरण के पूरी तरह बदल जाने के बाद से राजद कार्यकर्ता काफी गुस्से में हैं. कार्यकर्ताओं ने गुरुवार सुबह में भारी संख्या में राजद सुप्रीमो के आवास पर जमा हो गये और नीतीश कुमार शर्म करो के नारे लगाने लगे. पार्टी के विधायक रामानुज और बाकी नेताओं ने मीडिया में यह बयान दिया कि पार्टी नीतीश कुमार और भाजपा का विरोध करेगी. साथ ही कार्यकर्ताओं ने कहा कि वह विरोध में राजभवन का मार्च करेंगे, लेकिन लालू यादव ने मार्च पर रोक लगा दी है.
जानकारी के मुताबिक लालू यादव ने ट्वीट कर और फोन कर राजद कार्यकर्ताओं को निर्देश जारी किया कि राजभवन मार्च को रोक दिया जाये. वहीं, दूसरी ओर राजद कार्यकर्ता अभी भी लालू आवास पर टीके हुए हैं और नीतीश कुमार मुर्दाबाद के नारे लगाये. दूसरी ओर पार्टी के नेता शिवचंद्र राम के अलावा भाई विरेंद्र ने नीतीश कुमार को कुर्सी कुमार करते हुए, दोबारा कहा कि ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे नीतीश ने ठगा नहीं.
राजद कार्यकर्ता राजभवन की भूमिका से भी खासे नाराज हैं, उन्होंने केशरी नाथ त्रिपाठी को कहा कि उन्हें बड़ी पार्टी होने के नाते राजद को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए था, लेकिन त्रिपाठी ने नीतीश कुमार और बीजेपी को आमंत्रित किया. गुस्से में कार्यकर्ताओं ने गांधी सेतु को जाम कर दिया. बाद में अधिकारियों के समझाने बुझाने पर उन्होंने गांधी सेतु से जाम हटाया. बिहार के और भी कई जिलों में राजद कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया है.
इस बीच राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने पटना में महात्मा गांधी सेतु पर जाम लगा दिया है. वह गवर्नर केशरी नाथ त्रिपाठी से नाराज हैं. आरजेडी का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद गवर्नर ने उन्हें सरकार बनाने के लिए नहीं बुलाया. आरजेडी का कहना है कि सुनियोजित तरीके से बिहार में उनके साथ धोखा हुआ है.
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