बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (बीपीएसएससी) द्वारा आयोजित गृहरक्षक बल (होमगार्ड) हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती परीक्षा में बड़े नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पटना के शास्त्रीनगर स्थित राजकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र से पुलिस ने एक महिला अभ्यर्थी, दो शिक्षकों समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
मामले में शास्त्रीनगर थाना कांड संख्या 653/2026 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
बाथरूम के पास संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा गया
पुलिस के अनुसार 29 जुलाई को आयोजित परीक्षा के दौरान केंद्र पर तैनात शिक्षकों और पुलिस अधिकारियों की सतर्कता से पूरे गिरोह का खुलासा हुआ. जांच के दौरान बाथरूम के पास एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया. तलाशी लेने पर उसके पास से मोबाइल फोन और दो मिनी इलेक्ट्रॉनिक प्रिंटर बरामद किए गए.
मोबाइल की जांच और पूछताछ के दौरान परीक्षा केंद्र पर तैनात गणित शिक्षक महेंद्र कुमार की संलिप्तता सामने आई. महेंद्र कुमार केंद्र के अंदर प्रश्नपत्र हल कराने की व्यवस्था संभाल रहे थे.
हाजीपुर का शिक्षक चला रहा था पूरा नेटवर्क
जांच में पता चला कि वैशाली (हाजीपुर) निवासी शिक्षक शिवेंद्र कुमार पूरे सॉल्वर गैंग का संचालन कर रहा था. उसने आठ अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के लिए नेटवर्क तैयार किया था.
पुलिस के मुताबिक बाहर से अभ्यर्थियों के रोल नंबर मोबाइल के जरिए प्राप्त किए जाते थे. इसके बाद प्रश्नों के उत्तर तैयार कर मिनी प्रिंटर से प्रिंट निकाला जाता था और पर्चियों के माध्यम से परीक्षा कक्ष तक पहुंचाया जाता था.
पांच मोबाइल और दो मिनी प्रिंटर बरामद
पुलिस ने समय रहते पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया. गिरफ्तार आरोपितों के पास से पांच मोबाइल फोन और दो मिनी इलेक्ट्रॉनिक प्रिंटर बरामद किए गए हैं.
ये लोग हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपितों में जहानाबाद के महेंद्र कुमार, औरंगाबाद के शिवेंद्र कुमार, वैशाली के अमित कुमार, जहानाबाद के दीपक कुमार, नालंदा के चंदन कुमार, बेगूसराय के पियूष कुमार, नालंदा के नीरज कुमार, नालंदा के निलेश कुमार, जहानाबाद के रवीश कुमार और अरवल की काजल कुमारी शामिल हैं.
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क अन्य परीक्षा केंद्रों तक फैला था या नहीं.
