पटना जू में मिलेगा इंटरनेशनल एक्सपीरियंस, 10 करोड़ से बनेंगे फूड कियोस्क और ट्री-वॉक

Patna Zoo: पटना का संजय गांधी जैविक उद्यान अब एक नए रूप में नजर आने वाला है. पर्यटकों की बढ़ती संख्या और सुविधाओं की जरूरत को देखते हुए जू प्रशासन ने डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है. करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से जू में आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे यहां आने वाले लोगों का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा.

Patna Zoo: पटना में संजय गांधी जैविक उद्यान जल्द ही एक नए और हाई-टेक अवतार में नजर आने वाला है. मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल बैठक में पटना जू के लिए 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को हरी झंडी दे दी गई है.

अब यहां न केवल जानवरों का दीदार होगा, बल्कि आपको दिल्ली के रॉक गार्डन जैसा एहसास और आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी.

गेट से लेकर पार्किंग तक सब कुछ होगा चकाचक

पटना जू के गेट संख्या 1 और 2 का पूरी तरह से कायाकल्प होने जा रहा है. करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से इन प्रवेश द्वारों को आधुनिक बनाया जाएगा, जहां टिकट काउंटर, क्लॉक रूम और सोविनियर शॉप एक ही छत के नीचे मिलेंगे.

सबसे बड़ी राहत पार्किंग एरिया में मिलेगी, जहां अब एक शानदार कैफेटेरिया भी बनाया जाएगा. यानी जू के अंदर प्रवेश करने से पहले या बाहर निकलते वक्त आप सुकून से चाय-नाश्ते का आनंद ले पाएंगे.

ट्री-वॉक और रॉक गार्डन

इस बार का सबसे बड़ा आकर्षण होगा 100 मीटर लंबा ट्री-वॉक. इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण से अनुमति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा. इतना ही नहीं, दिल्ली के रॉक गार्डन की तर्ज पर बेकार सामानों से सर्प बास्केट, स्नेक टियर और ग्रीन इगुआना जैसे आकर्षक स्ट्रक्चर भी बनाए जाएंगे.

युवाओं के लिए खास तौर पर आधुनिक सेल्फी पॉइंट्स और ईको-फ्रेंडली बेंच लगाए जाएंगे, ताकि आपकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर धूम मचा सकें.

दर्शकों की सुविधाओं में इजाफा

जू प्रबंधन ने दर्शकों की सहूलियत के लिए 16 प्रोफेशनल गाइड्स की तैनाती का फैसला लिया है, जिनके लिए मात्र 10 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है. पूरे परिसर में 150 ईको-बिन और 15 जगहों पर आकर्षक साइनेज लगाए जाएंगे ताकि आपको रास्ता खोजने में दिक्कत न हो.

इसके साथ ही, जू में काम करने वाले दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के लिए भी बड़ी खुशखबरी है, उनके मानदेय में 2000 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है. 23 नए पदों पर बहाली से जू का संचालन और भी बेहतर तरीके से हो सकेगा.

पटना जू को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए बड़ी संख्या में वॉटर कूलर और टॉयलेट्स का निर्माण भी किया जाएगा. आनंद किशोर ने स्पष्ट किया है कि जू को अत्याधुनिक बनाने का काम युद्धस्तर पर चलेगा. आने वाले कुछ महीनों में पटना जू केवल एक चिड़ियाघर नहीं, बल्कि शहर का सबसे बेहतरीन हैंगआउट स्पॉट बनकर उभरेगा.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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