Patna Purnia Expressway: बिहार के सीमांचल इलाके को नई पहचान मिलने वाली है. पटना से पूर्णिया तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए केंद्र सरकार की तरफ से वित्तीय मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद बढ़ गई है. करीब 21 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि सीमांचल के विकास का नया अध्याय माना जा रहा है. इसके बनने के बाद पटना से पूर्णिया का सफर तीन घंटे से भी कम समय में पूरा किया जा सकेगा.
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी गाड़ियां
करीब 247 से 282 किलोमीटर लंबे इस हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी. इस परियोजना को तीन चरणों में पूरा किया जाएगा. पहले चरण में हाजीपुर से समस्तीपुर, दूसरे में समस्तीपुर से सहरसा और तीसरे में सहरसा से पूर्णिया तक सड़क बनाई जाएगी. सरकार की ओर से साल 2028 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य तय किया है.
इन जिलों के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खासियत यह है कि यह पूरी तरह बिहार की सीमा के अंदर बनेगा और वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया समेत 6 जिलों को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगा. पूर्णिया में करीब 60 किलोमीटर लंबा हिस्सा बीकोठी, धमदाहा, केनगर, कसबा और डगरुआ जैसे इलाकों से होकर गुजरेगा.
बिहार को हो सकेगा ये फायदा
इस परियोजना से कृषि, व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई गति मिलेगी. पूर्णिया एयरपोर्ट, प्रस्तावित एयरोसिटी और पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी भी पहले से अधिक मजबूत होगी. इसके लिए पूर्णिया जिले के 37 मौजों में 543.84 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. यह एक्सप्रेसवे सिर्फ दूरी कम नहीं करेगा, बल्कि सीमांचल को निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी मददगार साबित हो सकेगा.
बनाया जाएगा इंडस्ट्रियल हब
इसके अलावा पूर्णिया जिले में इंडस्ट्रियल हब भी बनाया जाएगा. मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 687 एकड़ की जमीन पर मॉडर्न इंडस्ट्रियल हब बनाया जाएगा. इसके लिए जमीन अधिग्रहण किया जाएगा. जिले में इंडस्ट्रियल हब के बनने से सीमांचल और उत्तर बिहार के जिले के लोगों को फायदा हो सकेगा. उत्तर और पूर्वी बिहार के बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में पूर्णिया जिला उभर सकेगा.
