Patna News: पटना में लगातार बढ़ते जाम और वाहनों के दबाव को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर की सड़कों का नए सिरे से सर्वे कराने का फैसला किया है. इस सर्वे का मकसद उन सड़कों और इलाकों की पहचान करना है, जहां ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा रहता है.
बीते एक-दो वर्षों में निजी वाहनों, ऑटो और ई-रिक्शा की संख्या तेजी से बढ़ी है, जबकि सड़कों की चौड़ाई लगभग जस की तस बनी हुई है. ऐसे में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए पुराने इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं.
किन सड़कों पर ज्यादा दबाव, बनेगी अलग सूची
यातायात पुलिस उन सड़कों की अलग-अलग सूची तैयार कर रही है, जहां वाहनों का दबाव सबसे ज्यादा रहता है. खास तौर पर मुख्य सड़कों पर दिन के छह घंटे ऐसे होते हैं, जब जाम की स्थिति सबसे गंभीर होती है. इसमें सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे तक का समय शामिल है. इस दौरान दफ्तर जाने और लौटने वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा होती है, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा जाती है.
सर्वे के आधार पर कई सड़कों पर बने अनावश्यक कट बंद करने की योजना है. खासकर व्यस्त समय में कई जगहों पर कट को अस्थायी रूप से बंद रखा जाएगा, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु हो सके. इसके साथ ही शहर के कई चौक-चौराहों पर नई रेड लाइट लगाने की तैयारी भी चल रही है, जिससे ट्रैफिक को सिग्नल सिस्टम के जरिए नियंत्रित किया जा सके.
पार्किंग और ई-रिक्शा बने बड़ी चुनौती
यातायात पुलिस के मुताबिक, सड़कों के किनारे बेतरतीब पार्किंग भी जाम की बड़ी वजह बन रही है. कई इलाकों में ऑटो और ई-रिक्शा का सड़क पर खड़ा होना ट्रैफिक को और धीमा कर देता है. हाल ही में चौक-चौराहों पर ऑटो और ई-रिक्शा खड़े करने पर रोक के बाद अब इन जगहों की निगरानी और सख्त करने की तैयारी है.
कई विभाग मिलकर करेंगे सर्वे
इस सर्वे में यातायात पुलिस के साथ जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के अधिकारी भी शामिल रहेंगे. ट्रैफिक एसपी के अनुसार, सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद उसी के आधार पर ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि आम लोगों को रोजाना जाम से राहत मिल सके. कई जगहों पर रेड लाइन और यूटर्न की उपयोगिता की भी दोबारा समीक्षा की जाएगी.
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