Patna News: सम्राट चौधरी ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़क से जोड़ने का निर्देश दिया है. बीते मंगलवार को पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाईवे परियोजनाओं को तेज गति और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए.
पर्यटन और उद्योग क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी देने पर जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासत क्षेत्रों, औद्योगिक कॉरिडोर, विशेष कृषि उत्पादन क्षेत्रों और प्रमुख बाजारों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इससे राज्य की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
पांच घंटे में पटना पहुंचने का लक्ष्य
01 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सुदूर इलाकों से पांच घंटे के भीतर पटना पहुंचने के लक्ष्य पर काम किया जा रहा है. इसके लिए सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाया जा रहा है.
कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल का काम जल्द पूरा करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल परियोजना का कार्य जुलाई के पहले सप्ताह तक पूरा करने का निर्देश दिया. साथ ही उन्होंने पुलों की गुणवत्ता और मजबूती की नियमित जांच कराने को कहा. विक्रमशिला पुल के स्थायी पुनर्स्थापन कार्य को विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर कराने का भी निर्देश दिया गया.
विभागीय सचिव ने दी परियोजनाओं की जानकारी
बैठक में पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभाग की वर्तमान परियोजनाओं और भावी योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने राज्य में निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाईवे की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की.
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
हर घर नल का जल योजना की भी हुई समीक्षा
मुख्यमंत्री ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक में ‘हर घर नल का जल योजना’ के तहत पेयजल आपूर्ति की समय-सीमा सुबह और शाम एक-एक घंटा बढ़ाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लोगों को शुद्ध पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए.
पंचायत स्तर पर होगी पानी की गुणवत्ता जांच
सीएम ने निर्देश दिया कि प्रत्येक दो से तीन महीने पर पंचायत स्तर पर पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराई जाए. साथ ही वार्ड स्तर पर इसकी निगरानी और निरीक्षण भी लगातार किया जाए.
शिकायत समाधान में एआई तकनीक का उपयोग
मुख्यमंत्री ने पेयजल आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एआई तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया. उन्होंने जलापूर्ति उपकरणों की मरम्मत और रखरखाव पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए.
30 जून तक लगेंगे नए चापाकल
जहां आवश्यकता होगी वहां 30 जून से पहले नए चापाकल लगाने के निर्देश दिए गए. साथ ही भू-जल संरक्षण योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने और भू-जल स्तर की नियमित मॉनिटरिंग कराने को कहा गया.
