Patna News: पटना हाई कोर्ट ने बढ़ती गर्मी और प्रतिकूल मौसम की स्थिति को देखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 18 मई 2026 से 4 जून 2026 तक सूचीबद्ध सभी मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन की जाएगी।
वर्चुअल कोर्ट व्यवस्था लागू, फिजिकल सुनवाई पूरी तरह बंद
इस अवधि में किसी भी प्रकार की फिजिकल सुनवाई नहीं होगी। सभी न्यायिक कार्य केवल ऑनलाइन माध्यम से ही संपन्न किए जाएंगे। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अस्थायी रूप से लागू की गई है ताकि अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मियों और पक्षकारों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा
हाई कोर्ट की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक बेंच का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक दैनिक कॉज लिस्ट के साथ आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा. इससे अधिवक्ता और पक्षकार आसानी से ऑनलाइन सुनवाई में शामिल हो सकेंगे.
वर्चुअल सुनवाई को मान्यता, नियम वही रहेंगे
एसओपी के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली सुनवाई को नियमित न्यायिक प्रक्रिया के समान माना जाएगा. फिजिकल कोर्ट में लागू सभी नियम वर्चुअल सुनवाई पर भी समान रूप से लागू रहेंगे. अधिवक्ताओं के लिए पेशेवर ड्रेस अनिवार्य होगी और सुनवाई के दौरान कैमरा ऑन रखना जरूरी होगा.
ई-फाइलिंग अनिवार्य, त्रुटियों का सुधार भी ऑनलाइन
कोर्ट ने सभी मामलों में ई-फाइलिंग को अनिवार्य कर दिया है. यदि किसी याचिका में त्रुटि पाई जाती है तो इसकी सूचना अधिवक्ताओं को ईमेल के माध्यम से दी जाएगी और सुधार प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही पूरी की जाएगी.
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर विशेष जोर
कोर्ट परिसर में अनावश्यक भीड़ को रोकने के निर्देश दिए गए हैं. अधिवक्ताओं और उनके क्लर्कों की न्यूनतम उपस्थिति सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है. सुनवाई के दौरान मोबाइल फोन को साइलेंट या एयरप्लेन मोड में रखने तथा बिना अनुमति रिकॉर्डिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. अनुचित व्यवहार करने पर प्रतिभागियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हटाया भी जा सकता है. मोशन बेंच सहित सभी मामलों की सुनवाई भी वर्चुअल माध्यम से होगी. कोर्ट मास्टर और तकनीकी सहायकों को सुबह 8 बजे से सभी तकनीकी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
