सांसद पप्पू यादव ने पटना के विशेष अदालत में किया सरेंडर, जमानत पर हुए रिहा, जानिए क्या है पूरा मामला?

Pappu Yadav Surrender : CAA-NRC और कृषि बिल के विरोध में 2020 में पटना के प्रतिबंधित क्षेत्रों में धरना-प्रदर्शन से जुड़े दो मामलों में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया. सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें 10-10 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानतदारों के आधार पर जमानत दे दी.

पटना से नितीश सिंह की रिपोर्ट
Pappu Yadav Surrender : CAA-NRC और कृषि बिल के विरोध में प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार को विशेष अदालत में आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया.

विशेष अदालत में किया सरेंडर

सांसदों एवं विधायकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार मालवीय की अदालत में पप्पू यादव ने आत्मसमर्पण किया. इसके साथ ही दोनों मामलों में उनकी ओर से जमानत याचिका दायर की गई.

10 हजार रुपये के निजी मुचलके पर मिली जमानत

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पप्पू यादव को प्रत्येक मामले में 10 हजार रुपये के निजी मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदारों के बंध पत्र पर जमानत देने का आदेश दिया.

2020 के दो मामलों से जुड़ा है मामला

पप्पू यादव के अधिवक्ता विजय आनंद ने बताया कि पहला मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 133/2020 से संबंधित है. इसमें 23 फरवरी 2020 को सीएए और एनआरसी के विरोध में पटना के डाकबंगला चौराहा स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन करने का आरोप है.

वहीं दूसरा मामला कोतवाली थाना कांड संख्या 390/2020 से जुड़ा है. इस मामले में 25 सितंबर 2020 को कृषि बिल के विरोध में आयकर गोलंबर स्थित प्रतिबंधित क्षेत्र में धरना-प्रदर्शन करने का आरोप लगाया गया है.

अदालत के आदेश के बाद हुए मुक्त

दोनों मामलों में आत्मसमर्पण और जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने पप्पू यादव को जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया. इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें रिहा कर दिया गया.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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