क्या आपने Nitish Kumar की ये 21 साल पुरानी तस्वीर देखी है? मां, पत्नी और बेटे के साथ फुल फैमिली फोटो वायरल

Nitish Kumar Rare Photos: 2005 में पहली बार पूर्णकालिक मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार अपनी मां परमेश्वरी देवी का आशीर्वाद लेने कल्याण बिगहा पहुंचे थे. सोशल मीडिया पर वायरल 21 साल पुरानी तस्वीर उनकी सादगी, पारिवारिक जुड़ाव और जड़ों से रिश्ते की कहानी बयां कर रही है. देखें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की वो अनोखी तस्वीर…

Nitish Kumar Rare Photos: बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम एक ऐसे नेता के तौर पर लिया जाता है, जिनकी पहचान सिर्फ लंबे राजनीतिक सफर से ही नहीं, बल्कि सादगी और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए भी होती है. इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पुरानी तस्वीर चर्चा में है, जो उनके राजनीतिक जीवन के एक बेहद भावुक और यादगार पल को सामने लाती है.

सीएम बनने के बाद मां परमेश्वरी देवी से मिलने पहुंचे थे नीतीश कुमार, फोटो- वर्ष 2005

यह तस्वीर वर्ष 2005 की है, जब नीतीश कुमार पहली बार पूर्णकालिक मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने पैतृक गांव कल्याण बिगहा पहुंचे थे. उनके साथ पुत्र निशांत कुमार भी मौजूद थे. मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद गांव पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले अपनी मां परमेश्वरी देवी का आशीर्वाद लिया था.

मां के सामने झुके नजर आए थे नीतीश कुमार

भेंट के दौरान माता जी से बात करते नीतीश कुमार साथ में बेटे निशांत

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर में बुजुर्ग परमेश्वरी देवी एक प्लास्टिक की कुर्सी पर बैठी दिखाई दे रही हैं. उनके सामने मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार झुककर उनसे बातचीत कर रहे हैं. वहीं, निशांत कुमार भी पास खड़े होकर मां-बेटे की बातचीत को ध्यान से सुनते नजर आते हैं.

तस्वीर में मौजूद मंजू सिन्हा भी परिवार के बीच इस भावुक पल की साक्षी बनी दिखती हैं. यह दृश्य बताता है कि सत्ता के सर्वोच्च पद पर पहुंचने के बाद भी नीतीश कुमार ने अपने पारिवारिक संस्कार और जड़ों से जुड़ाव को हमेशा प्राथमिकता दी.

2005 में शुरू हुआ था नया राजनीतिक अध्याय

हालांकि, नीतीश कुमार पहली बार मार्च 2000 में मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन वह कार्यकाल महज सात दिनों का रहा था. इसके बाद 24 नवंबर 2005 को उन्होंने दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत हुई.

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने गांव पहुंचकर मां का आशीर्वाद लेना उस दौर की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक माना गया था. यह मुलाकात सिर्फ एक पारिवारिक क्षण नहीं थी, बल्कि उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत पहचान का भी प्रतीक बन गई.

यह भी पढ़ें: Bihar Township Land Ban: जमीन बेचनी है तो मत घबराइए, बंदी के बीच अब आवास बोर्ड खरीदेगा आपकी जमीन

सादगी की मिसाल बना पैतृक घर

नीतीश कुमार का बख्तियारपुर और कल्याण बिगहा स्थित पैतृक घर हमेशा उनकी सादगी की पहचान रहा है. तस्वीर में घर का साधारण माहौल और परिवार का सहज जीवन इस बात का प्रमाण देता है कि राजनीतिक ऊंचाइयों तक पहुंचने के बावजूद उन्होंने अपनी जड़ों से दूरी नहीं बनाई.

आज उनकी मां परमेश्वरी देवी और पत्नी मंजू सिन्हा इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन यह तस्वीर परिवार के साथ बिताए गए उन खास पलों की याद दिलाती है.

यह भी पढे़ं: बिहार: कौन हैं IAS योगेश सागर और अभिलाषा शर्मा? जिनके ठिकानों पर SVU ने की बड़ी छापेमारी

सोशल मीडिया पर भावुक कर रही तस्वीर

करीब दो दशक पुरानी यह तस्वीर एक बार फिर लोगों को भावुक कर रही है. कई लोग इसे एक ऐसे नेता की तस्वीर बता रहे हैं, जिसने राजनीति की व्यस्तताओं के बीच भी परिवार और संस्कारों को हमेशा महत्व दिया.

राजनीतिक इतिहास के लिहाज से भी यह तस्वीर खास मानी जाती है, क्योंकि इसमें बिहार का मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि अपनी मां का आशीर्वाद लेने पहुंचा एक बेटा नजर आता है.

यह भी पढे़ं: बिहार: अब हेलीकॉप्टर से पहुंच सकेंगे वाल्मीकिनगर, VTR को मिलेगा हेली टूरिज्म का नया पंख

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >