Explainer: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जदयू और एनडीए में अलगाव के बाद विपक्षी दलों को एकजुट किया और उनका यह प्रयास रंग लाया. नीतीश कुमार लगातार विपक्षी दलों के नेताओं से मिलते रहे और उन्हें एक मंच पर लेकर आने में सफल रहे. विपक्षी दलों का नया गठबंधन I.N.D.I.A तैयार हुआ और अभी तक दो बैठकें इस इंडिया गठबंधन की हो चुकी है. अब जहां सीट शेयरिंग पर बड़ा फैसला होना है तो वहीं एक सवाल सबके अंदर है कि इस गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार कौन होंगे. नीतीश कुमार के नाम की भी चर्चा अक्सर होती रहती है. जानिए इसपर क्या कहते हैं सियासी दिग्गज..
प्रधानमंत्री का चेहरा कौन बनेगा?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर गैर भाजपा दलों को एकसूत्र में बांधकर भाजपा के खिलाफ साझा संघर्ष की योजना पटना में तय हुई. इसके लेकर पहली बैठक पटना में 23 जून को हुई. दूसरी बैठक बेंगलुरु में 18 और 19 जुलाई को हुई, इसमें गठबंधन का नाम इंडिया तय किया गया. अब तीसरी बैठक 31 अगस्त और एक सितंबर को मुंबई में हो रही है. वहीं नीतीश कुमार की भूमिका को लेकर भी लगातार सवाल सामने आते रहे हैं. राजद सुप्रीमो लालू यादव ने गोपालगंज में जब मीडिया से बातचीत की तो कहा कि प्रधानमंत्री कौन बनेगा इसका फैसला बाद में सब मिलकर तय कर लेंगे. अभी भाजपा को हराने के लिए एकजुट होने की जरूरत है और इसलिए ये गठबंधन बना है.
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा…
बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री बनने की कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं है. उनका उद्देश्य भाजपा व एनडीए को सत्ता से हटाना है. मंत्री ने कहा कि ये चर्चा पूरे देश में होती है कि नीतीश कुमार पीएम मटेरियल हैं. उनमें प्रधानमंत्री बनने की तमाम योग्यता है.बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि यूपी से लेकर देश के विभिन्न राज्यों के लोग यह मांग कर रहे हैं कि नीतीश कुमार को विपक्षी दलों के गठबंधन इंडिया की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाये.ग्रामीण विकास मंत्री और यूपी जदयू के प्रभारी श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यूपी के किसी लोकसभा सीट खास कर फुलपुर से 2024 में चुनाव लड़ने की कोई इच्छा व्यक्त नहीं की है. श्रवण कुमार ने कहा कि अभी न तो मुख्यमंत्री ने ऐसी कोई इच्छा व्यक्त की है, और न ही पार्टी नेतृत्व ने इस संबंध में कोई फैसला किया है.
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जदयू के राष्ट्रीय महासचिव धनंजय सिंह का बयान..
इससे पहले, मई महीने में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा था कि उनकी पार्टी चाहती है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार यूपी के फूलपुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ें. फूलपुर संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और वीपी सिंह कर चुके हैं.
राजद के सांसद मनोज झा बोले..
राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपनी मंशा शुरू में ही साफ बता दी है कि पीएम बनने की उनकी कोई इच्छा नहीं है. वो भाजपा को हराने के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट कर रहे हैं. बता दें कि खुद नीतीश कुमार ने पिछले दिनों कहा था कि वो चाहते हैं कि विपक्ष एकजुट रहे. वहीं गठबंधन की बातों को सार्वजनिक करने से उन्होंने परहेज किया था.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा…
हाल में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हमलोग इसी महीने 31 तारीख को मुंबई जायेंगे. एक सितंबर को वहां पर विपक्षी पार्टियों की मीटिंग होगी. पटना से इसकी शुरुआत हुई थी. आगे भी इस काम को तेजी से करने के लिए हम सभी पार्टियों को कहेंगे, सबलोगों की जो राय होगी उसी पर काम किया जायेगा. राजद सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग संयोजक बनाने को लेकर दिये गये बयान को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया में इस तरह के सवालों का जवाब देना ठीक नहीं है. मीटिंग में सबलोगों की जो राय होगी, वह आपलोगों को बता दी जायेगी.
मुंबई की बैठक में क्या होगा?
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर गैर भाजपा दलों को एकसूत्र में बांध भाजपा के खिलाफ साझा संघर्ष की योजना पटना में तय हुई. इसके लेकर पहली बैठक पटना में 23 जून को हुई. दूसरी बैठक बेंगलुरु में 18 और 19 जुलाई को हुई, इसमें गठबंधन का नाम इंडिया तय किया गया. अब तीसरी बैठक 31 अगस्त और एक सितंबर को मुंबई में हो रही है. ऐसा माना जा रहा है कि इस बैठक में शीट शेयरिंग पर बात बन सकती है. जैसा कि राजद सुप्रीमो लालू यादव ने हाल में कहा कि अब समय कम बचा है, इसलिए सारी चीजें जल्द तय करनी होगी.
