पटना से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट
Fourlane Bridge On Ganga River: राजधानी पटना में महात्मा गांधी सेतु के समानांतर गंगा नदी पर नया फोरलेन पुल बनाया जा रहा है. नये फोरलेन पुल का निर्माण करीब 73 प्रतिशत पूरा हो चुका है. यह जानकारी पथ निर्माण विभाग की टीम के निरीक्षण के बाद सामने आई है. पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने इसका निर्माण गुणवत्ता के साथ तय समय में पूरा करने का अधिकारियों को निर्देश दिया है.
कितना हुआ निर्माण और क्या-क्या बचा?
इस पुल का पूरा काम पूरा करने की समय सीमा दिसंबर 2026 है. इस परियोजना में मुख्य पुल करीब 5.6 किमी लंबाई में बन रहा है. लेकिन एप्रोच सहित इसकी कुल लंबाई 14.5 किमी होगी. इसमें एप्रोच रोड, रेल ओवरब्रिज, फ्लाइओवर आदि शामिल है. इस परियोजना का अधिकांश सुपर-स्ट्रक्चर तैयार हो चुका है.
सूत्रों के अनुसार, कई जगहों पर पाइलन, केबल, स्पैन और डेक स्लैब का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बचे हुए हिस्सों पर अंतिम काम भी जारी है. इसके साथ ही एप्रोच रोड, रेल ओवरब्रिज (आरओबी), फ्लाइओवर और सड़क कनेक्टिविटी पर भी तेजी से काम चल रहा है.
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पुल की कितनी है निर्माण लागत?
इस परियोजना की अनुमानित लागत 2,926.42 करोड़ रुपये है. इस परियोजना के निर्माण की मंजूरी 17 दिसंबर 2018 को केंद्र सरकार की कैबिनेट ने दी थी. इस परियोजना में पर्यावरण सहित अन्य तकनीकी मंजूरियों में देरी के कारण काम तुरंत शुरू नहीं हो सका. चार सितंबर 2020 को ठेकेदार को इसके निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई. लेकिन इसके निर्माण की शुरुआत साल 2021 में हो सकी.
फोरलेन पुल से यह होगा फायदा
इस पुल का निर्माण पूरा होने और आवागमन शुरू होने के बाद वर्तमान महात्मा गांधी सेतु और नया पुल मिलाकर कुल आठ लेन की क्षमता उपलब्ध होगी. इससे पटना–हाजीपुर के बीच जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा. साथ ही उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आवागमन अधिक तेज और सुरक्षित होगा. इस पुल से सीधे तौर पर पटना सहित वैशाली, मुजफ्फरपुर और सारण के लोगों को सीधी कनेक्टिविटी मिलने से कम समय में लोग अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे.
