बिहार में बिछेगा उद्योगों का जाल, 4200 एकड़ से भी ज्यादा जमीन का होगा अधिग्रहण, इन जिलों में प्रक्रिया तेज

Bihar Industry: बिहार के लगभग सभी जिलों में उद्योग-धंधे स्थापित किए जाने को लेकर योजनाएं बनाई जा रहीं हैं. ऐसे में 4200 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा. राज्य के 10 जिलों में यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि 24 जिलों में भी काम में तेजी ला दी गई है.

Bihar Industry: बिहार में अब उद्योगों के लिए जमीन तैयार करने का काम तेज हो गया है. राज्य सरकार ने 24 जिलों में इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने के लिए बड़े पैमाने पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इनमें 10 जिलों में प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है. इन जिलों में ही 4200 एकड़ से अधिक जमीन उद्योगों के लिए जुटाई जाएगी.

कहा जा रहा है कि आने वाले समय में इन जमीन पर सिर्फ इंडस्ट्रियल एरिया ही नहीं, बल्कि नए कारोबार, निवेश और रोजगार के अवसर भी दिखाई दे सकते हैं. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधियाचना भेजने के साथ कई जगहों पर सामाजिक प्रभाव का अध्ययन भी पूरा कर लिया है.

किस जिले में कितने एकड़ जमीन का हो सकता है अधिग्रहण?

वैशाली - 1234.45 एकड़

बेगूसराय - 991 एकड़

पटना - 742 एकड़

मधुबनी - 712.94 एकड़

मुजफ्फरपुर - 700 एकड़

नालंदा - 524.95 एकड़

रोहतास - 510.61 एकड़

सुपौल - 498 एकड़

मुंगेर - 466.49 एकड़

औरंगाबाद - 441.79 एकड़

सहरसा - 420.62 एकड़

दरभंगा - 385.45 एकड़

पूर्णिया - 279.65 एकड़

शिवहर - 253.78 एकड़

शेखपुरा - 250 एकड़

कटिहार - 252.30 एकड़

भोजपुर - 249.48 एकड़

सीवान - 167.34 एकड़

नवादा - 139.48 एकड़

अरवल - 61.24 एकड़

गयाजी - 49 एकड़

भागलपुर - 13.45 एकड़

2 जिलों में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी पूरी

विभाग के अधिकारियों की माने तो, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गयाजी, मधुबनी समेत कई जिलों में जमीन अधिग्रहण को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है. भागलपुर और दरभंगा में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है. इसके बाद लोगों को यह बताया जाएगा कि अधिग्रहित जमीन किन-किन रैयतों की है. फिर संबंधित जमीन मालिकों को मुआवजे का भुगतान किया जाएगा और इसके बाद जमीन का दखल-कब्जा लिया जाएगा.

14 जिलों में भी चल रही प्रक्रिया

सीतामढ़ी, सुपौल, शिवहर, कटिहार, भोजपुर, बेगूसराय, सीवान, मुंगेर, पटना, पूर्णिया, सहरसा, शेखपुरा, मधेपुरा और नालंदा में भी जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई तेज है. सरकार का लक्ष्य उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध कराना है.

अगर प्रक्रिया तय समय पर पूरी होती है, तो इन औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित होने के बाद निवेश, स्थानीय कारोबार और रोजगार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है. खास बात यह है कि इस पूरी योजना से उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण बिहार तक कई जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है.

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