अनुज शर्मा/पटना. गांवों के विकास की रीढ़ कहे जाने वाले प्रखंड विकास पदाधिकारियाें (बीडीओ) के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई करने जा रही है. ग्रामीण विकास विभाग ने करीब 100 ऐसे बीडीओ को चिह्नित किया है, जो अपने काम को ठीक से नहीं कर रहे हैं. कई अफसरों के काम की समीक्षा अभी चल रही है, इस कारण दंडित होने वाले बीडीओ की संख्या घट- बढ़ भी सकती है. नवादा के प्रखंड रोह, रजोली, समस्तीपुर के हसनपुर, खानपुर, सुपौल का त्रिवेनीगंज, मधेपुरा के सिंघेश्वर और गया के खिजरसराय के बीडीओ के खिलाफ मुख्यालय ने ‘ प्रपत्र क ‘ के तहत कार्रवाई भी कर दी है. प्रखंड विकास पदाधिकारी अपने काम में कितनी लापरवाही बरत रहे हैं.
बीडीओ-डीडीसी पर संयुक्त सचिव की सीधी निगरानी
बीडीओ- डीडीसी अब मनमर्जी नहीं कर पायेंगे. ग्रामीण विकास विभाग ने निगरानी की नयी व्यवस्था की है. मुख्यायल पर प्रतीक्षारित दस अधिकारियों की टीम बनायी गयी है. ये अधिकारी रोजाना दस बीडीओ और दस डीडीसी को फोन करेंगे. अधिकारियों की लोकेशन से लेकर उनके काम की प्रगति तक की जानकारी लेकर संयुक्त सचिव को सूचित करेंगे.
पीएम आवास योजना में लापरवाही पड़ी महंगी
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) में कार्य संतोषजनक नहीं है. लगातार शिकायतें आ रही हैं. बिहार में 2016-17 से 2020- 21 तक 2697005 आवास को मंजूरी मिली. 2418376 आवास का निर्माण हो चुका है. आवास प्लस का लक्ष्य नौ लाख 40 हजार 55 आवास का है. 670900 लाभुकों को पहली किस्त 16388 को दूसरी किश्त दी जा चुकी है. 519 आवास ही पूरे हो सके हैं. योजना का काम पिछड़ न जाये, इसके लिए कार्रवाई की जा रही है.
पीएम आवास के लाभुक देंगे फीड बैक
पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के लाभुकों से सरकार फीड बैक लेगी. इसके लिए टोल फ्री नंबर 1800 31 39 333 जारी किया गया है. आवास के लिए कोई रिश्वत मांग रहा है अथवा कार्य नहीं कराया जा रहा है, लाभुक सूचना दे सकता है. मुख्यायल का कंट्रोल रूम प्रतिदिन 500 चयनित- लाभुकों को फोन फीड बैक लेगा.
पूरी पारदर्शिता के साथ विभागीय योजनाओं को समय पर पूरा कराने के लिए फील्ड अफसरों की निगरानी की जा रही है. काम में मानक और जिम्मेदारी का पालन न करने वाले बीडीओ चिह्नित किये गये हैं. लापरवाह अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. -सावन कुमार, संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास विभाग
