Nawada News : नवादा शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी संभाल रहे सफाई ठेकेदारों की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं. शहर के प्रमुख मेन रोड स्थित नारद संग्रहालय के सामने सड़क किनारे खुलेआम कचरे का डंप लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. हैरानी की बात यह है कि जिस मार्ग को स्वच्छता के लिहाज से जीरो टॉलरेंस एरिया माना जाता है, वहीं इन दिनों गंदगी का अंबार लगा है.
सड़क किनारे कचरे से दुकानदार और राहगीर परेशान
इस मार्ग पर कई मॉल और कपड़ों के बड़े शोरूम स्थित हैं. ऐसे में सड़क किनारे फेंके गए कचरे और उससे उठती दुर्गंध के कारण दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी ठेकेदारों को सौंपे जाने के बावजूद नियमित रूप से कचरे का उठाव नहीं हो रहा है. इससे दिन-ब-दिन स्थिति बिगड़ती जा रही है.
अधिकारियों की आवाजाही के बावजूद नहीं हटी गंदगी
विडंबना यह है कि इसी रास्ते से डीएम, एसपी और नगर परिषद के अधिकारी प्रतिदिन गुजरते हैं. इसके बावजूद सड़क किनारे पसरी गंदगी जिम्मेदार अधिकारियों की नजर में क्यों नहीं आ रही, यह बड़ा सवाल बना हुआ है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य मार्ग पर कचरे का इस तरह खुले में पड़ा रहना शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है.
लोगों ने तत्काल कचरा उठाव की मांग की
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से सड़क किनारे जमा कचरे को तत्काल हटाने, नियमित सफाई कराने और सफाई ठेकेदारों की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि यदि शहर के प्रमुख और जीरो टॉलरेंस एरिया में ही कचरे का अंबार लगा रहेगा, तो शहर की सफाई व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है. सवाल यह है कि जब जीरो टॉलरेंस एरिया ही कचरे से पटा है, तो शहर की सफाई व्यवस्था आखिर किसके भरोसे है.
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