माता-पिता का साया उठा तो मिला पक्का आशियाना, नवादा के 3 अनाथ बच्चों को 14 लाख का मकान दान

माता-पिता का साया सिर से उठने के बाद बेसहारा और बेघर हुए तीन मासूम अनाथ बच्चों को नया जीवन मिला है. अन्नपूर्णा मुहिम के तहत उन्हें 14 लाख रुपये की लागत से बना पक्का मकान दान स्वरूप प्रदान किया गया है.

Nawada News: माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद बेसहारा और बेघर हो चुके तीन मासूम अनाथ बच्चों को अब अपने सुरक्षित और पक्के आशियाने की छत मिल गई है. नवादा जिले के नेमदारगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जलालपुर गांव निवासी इन तीनों अनाथ बच्चों को 'अन्नपूर्णा मुहिम' के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में एक नवनिर्मित पक्का मकान दान स्वरूप प्रदान किया गया है.

लगभग 14 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए इस मकान की चाबी विधिवत आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह के दौरान संत के प्रतिनिधियों द्वारा तीनों बच्चों को सौंपी गई.

सद्भावना चौक से जलालपुर गांव तक निकाली गई भव्य शोभायात्रा

इस पुनीत कार्य के अवसर पर नवादा शहर में एक विशाल शोभायात्रा का आयोजन किया गया. इस शोभायात्रा में भारी संख्या में स्थानीय महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे शामिल हुए. यह शोभायात्रा नवादा के प्रमुख सद्भावना चौक से प्रारंभ हुई. शोभ मंदिर होते हुए यात्रा विधि लॉ कॉलेज के समीप स्थित जलालपुर गांव पहुंची. शोभायात्रा के उपरांत आयोजित सम्मान समारोह में पूरे विधि-विधान से बच्चों को गृह प्रवेश कराकर नए मकान की चाबी सौंपी गई. स्थानीय नागरिक मुकेश यादव के विशेष समन्वय और माध्यम से अन्नपूर्णा मुहिम के तहत इस मकान का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कराया गया.

भविष्य संवारने के लिए आगे भी सहयोग का दिया भरोसा

आयोजकों और प्रतिनिधियों ने बताया कि बच्चों को केवल सुरक्षित छत देना ही अंतिम उद्देश्य नहीं है, बल्कि उनके पालन-पोषण, उचित शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य को संवारने के लिए संगठन की ओर से आगे भी हर संभव आर्थिक व सामाजिक सहयोग निरंतर जारी रहेगा. नया पक्का घर मिलने से अब इन बेसहारा बच्चों को एक स्थायी और सुरक्षित जीवन मिल सका है.

'अनाथ बच्चों की मदद समाज की सामूहिक जिम्मेदारी': विधायक विभा देवी

समारोह में नवादा विधायक विभा देवी, चंदन कुमार चौधरी, सुबोध कुमार सहित कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अनाथ, असहाय और जरूरतमंद बच्चों की सहायता करना पूरे समाज की सामूहिक और नैतिक जिम्मेदारी है. संतों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा की गई इस मानवीय पहल की पूरे इलाके में व्यापक सराहना की जा रही है.

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By बब्लू कुूमार

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