परीक्षा में कदाचार रोकने पर प्रोफेसर पर जानलेवा हमले में आरोपित गिरफ्तार

Nawada news. जिले में शिक्षा व्यवस्था पर उस वक्त सवाल खड़े हो गये, जब एक ईमानदार प्रोफेसर को परीक्षा में कदाचार रोकना भारी पड़ गया.

घायल प्रोफेसर अब भी खतरे में, कॉलेजों के शिक्षकों व कर्मचारियों में आक्रोश फोटो कैप्शन- पटना के निजी अस्पताल में भर्ती घायल प्राेफेसर. प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय जिले में शिक्षा व्यवस्था पर उस वक्त सवाल खड़े हो गये, जब एक ईमानदार प्रोफेसर को परीक्षा में कदाचार रोकना भारी पड़ गया. नवादा नगर थाना क्षेत्र में विगत 22 जुलाई को हुए जानलेवा हमले में रसायन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ शिवचंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गये थे. जानकारी के मुताबिक, नवादा कॉलेज में सेमेस्टर तीन की परीक्षा के दौरान एक परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़ा गया. परीक्षा ड्यूटी पर तैनात प्रो शिवचंद्र कुमार ने छात्र को नकल करते देखा, तो तुरंत उसका पेपर छीन लिया और कड़ी फटकार लगायी. डांट छात्र को नागवार गुजरी और उसने कॉलेज से बाहर निकलते ही प्रोफेसर पर ईंट-पत्थर से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. हमले के बाद प्रोफेसर मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े. उन्हें तत्काल उनके सहयोगियों द्वारा सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें गंभीर हालत में पटना रेफर कर दिया. पिछले पांच दिनों से वह आइसीयू में भर्ती थे. फिलहाल प्रोफेसर की स्थिति खतरे में है. वह जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं. उधर, नगर थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रोह थाना क्षेत्र के महकार गांव में छापेमारी कर आरोपित सचिन कुमार को गिरफ्तार कर लिया. वह महकार निवासी धनेसर यादव का बेटा बताया जा रहा है. वह नेहालुचक स्थित ननिहाल में रह कर परीक्षा दे रहा था. पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. गौरतलब है कि इस हमले से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है. कॉलेज प्रबंधन ने प्रोफेसर के इलाज के लिए सोशल मीडिया पर आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए एक क्यूआर कोड भी जारी किया है. छात्रों, शिक्षकों और समाज के कई वर्गों से मदद की अपील की गयी है. घटना के बाद केएलएस कॉलेज के अलावा जिला के सभी कॉलेजों में शिक्षकों व शिक्षकेतर कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया था. कॉलेज के प्राचार्य डॉ शैलज कुमार श्रीवास्तव, केमेस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ एमजेड शहजादा, कॉलेज बर्सर डॉ राजीव कुमार आदि घायल प्रोफेसर से मिलने पटना स्थित अस्पताल गये थे. उन्होने कहा कि आईसीयू से निकाला गया है, लेकिन जान का खतरा अब भी बना हुआ है.

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By VISHAL KUMAR

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