नवादा: अतिक्रमण और गंदगी से जूझ रहा ऐतिहासिक सीतामढ़ी धाम, श्रद्धालुओं ने उठाई निर्माण की मांग

ऐतिहासिक सीतामढ़ी धाम चारदीवारी के अभाव में असुरक्षित बना हुआ है. लाखों श्रद्धालु पहुंचने के बावजूद सुरक्षा और सुविधाओं की कमी चिंता का विषय है. स्थानीय लोग जल्द निर्माण की मांग कर रहे हैं.

Nawada News : मेसकौर प्रखंड क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक सीतामढ़ी धाम आज भी चारदीवारी के अभाव में असुरक्षित बना हुआ है. पौराणिक, धार्मिक और पर्यटन महत्व रखने वाले इस मंदिर परिसर में हर वर्ष अगहन पूर्णिमा के अवसर पर लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की कमी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है.

चारदीवारी की मांग वर्षों से लंबित

मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार चारदीवारी निर्माण को लेकर सांसद, विधायक और जिलाधिकारी से कई बार लिखित एवं मौखिक मांग की गई, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. चारों ओर खुला रहने के कारण मंदिर परिसर में अतिक्रमण, आवारा पशुओं की आवाजाही और गंदगी की समस्या लगातार बढ़ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे मंदिर की गरिमा प्रभावित हो रही है.

पर्यटन स्थल के अनुरूप नहीं हैं सुविधाएं

सीतामढ़ी धाम को पर्यटन स्थल का दर्जा प्राप्त है. यहां अगहन पूर्णिमा पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से सीतामढ़ी महोत्सव का भी आयोजन किया जाता है. इसके बावजूद मंदिर परिसर की सुरक्षा और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं है. लोगों ने माता सीता की निर्वासन स्थली की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई.

जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग

स्थानीय लोगों ने कहा कि सीतामढ़ी धाम हिंदू-मुस्लिम एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है. ऐसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है. श्रद्धालुओं ने प्रशासन से टेंडर प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द चारदीवारी निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है.


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By Vishal kumar

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