Nawada News: (दशरथ) नवादा जिले के कौआकोल में सरकारी सिस्टम की उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का जीवंत उदाहरण देखना हो, तो कौआकोल थाना के समीप से गुजरने वाली उत्क्रमित मध्य विद्यालय, तरौन की ग्रामीण पीसीसी सड़क को देख लीजिए.
यह सड़क अब चलने लायक नहीं रही, बल्कि पूरी तरह से जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो चुकी है.
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
- कौआकोल थाना के निकट से तरौन स्कूल तक.
- पहाड़पुर, दूधपनियाँ, टीकोडीह, मननियातरी, जबाड़, पीराटांड़ एवं मच्छन्द्रा
- मुख्य समस्या पिछले 20 वर्षों से मरम्मत कार्य ठप, बड़े-बड़े गड्ढे.
- दर्जनों स्कूली वाहन और यात्री गाड़ियाँ रोज खतरे के साये में
- जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर लोग
सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं
इस मुख्य ग्रामीण सड़क से प्रतिदिन दर्जनों गाँवों का संपर्क जुड़ा है. स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि कौआकोल थाना से तरौन विद्यालय तक का सफर किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है.
सड़क की हालत इतनी जीर्ण-शीर्ण है कि स्कूली बच्चों से भरी बसें और सवारी गाड़ियाँ हर वक्त पलटने की कगार पर रहती हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है.
20 साल से नहीं हुई मरम्मत
हैरानी की बात यह है कि इस महत्वपूर्ण सड़क की सुध पिछले दो दशकों से किसी ने नहीं ली है. जिसके कारण पीसीसी सड़क का नामोनिशान मिट चुका है और अब वहां सिर्फ पत्थर और गहरे गड्ढे बचे हैं.
यह सड़क जनहित के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन सरकारी उपेक्षा ने इसे नरक बना दिया है. अगर जल्द ही इसका जीर्णोद्धार नहीं हुआ, तो यहाँ कभी भी बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है.
प्रशासन से मरम्मती की मांग
इस गंभीर समस्या को लेकर जेपी सेनानी के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश यादव एवं जिला सचिव दशरथ मिस्त्री ने संयुक्त रूप से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर के जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की है.
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