Nawada News: (विश्वनाथ कुमार ) नवादा जिले के पकरीबरावां प्रखंड मुख्यालय इन दिनों गंदगी की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. मुख्य बाजार के कई स्थानों पर कचरे का अंबार लगा हुआ है. जिससे उठने वाली दुर्गंध से लोगों का जीना मुहाल हो गया है.
खासकर मुख्यालय के हृदयस्थल वारिसलीगंज मोड़ की स्थिति अत्यंत दयनीय बनी हुई है. यहां कचरे का बड़ा ढेर जमा हो गया है, जिससे आसपास के लोगों के साथ-साथ राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों के अनुसार
स्थानीय लोगों के अनुसार पूर्व के समय में इस स्थान पर नाला नहीं होने के कारण लोग अपने घरों का कचरा इसी स्थान पर डालते थे. हालांकि अब नाला का निर्माण हो चुका है. लेकिन इसके बावजूद लोग नाले के ऊपर ही कचरा फेंक रहे हैं.
धीरे-धीरे कचरे का यह ढेर इतना बड़ा हो गया है कि वहां से गुजरना तक मुश्किल हो गया है। गर्मी बढ़ने के साथ ही कचरे से निकलने वाली दुर्गंध और भी तेज हो जाती है, जिससे लोगों को नाक पर रूमाल रखकर वहां से गुजरना पड़ता है.
विधायक की पहल के बाद भी निदान नहीं
इसी स्थान पर विधायक मद से एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण भी कराया गया है. लेकिन आसपास फैली गंदगी और सड़ांध के कारण लोग उस शौचालय का उपयोग करने से भी कतराते हैं. लोगों का कहना है कि शौचालय की नियमित सफाई नहीं होने के कारण उसकी स्थिति भी बदतर हो गई है.
इससे खासकर महिलाओं और बाहर से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
गंदगी बढ़ने का एक और बड़ा कारण यह है कि वारिसलीगंज मोड़ के आसपास मछली, मीट और मुर्गा काटने की दुकानें भी लगी रहती हैं. दुकानदारों द्वारा इनके अवशेष भी उसी स्थान पर फेंक दिए जाते हैं. जिससे सड़ांध और गंदगी की समस्या और गंभीर हो जाती है.
कुत्ते और सूअर कचरे को इधर-उधर फैला देते हैं
कचरे के ढेर पर अक्सर आवारा पशु भी मंडराते रहते हैं. जिससे स्थिति और खराब हो जाती है. कई बार कुत्ते और सूअर कचरे को इधर-उधर फैला देते हैं. जिससे आसपास का पूरा इलाका गंदगी से भर जाता है.
बताया जाता है कि यह मार्ग एक ओर वारिसलीगंज प्रखंड को जोड़ता है, वहीं दूसरी ओर मुख्यालय के देवी स्थान, छठ घाट सहित कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों का रास्ता भी इसी मार्ग से होकर गुजरता है. ऐसे में हर दिन बड़ी संख्या में लोग इस रास्ते से आवागमन करते हैं. बावजूद इसके सफाई व्यवस्था की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी अनदेखा करते
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी इसी मार्ग से आते-जाते हैं, लेकिन समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
आगामी दिनों में लोक आस्था का महापर्व छठ और रामनवमी जैसे बड़े पर्व आने वाले हैं.
इन पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और भी बढ़ जाती है. ऐसे में अगर समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो लोगों को और अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. क्षेत्र के कई बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इस दिशा में जल्द पहल करने की मांग की है, ताकि मुख्यालय की स्वच्छता बनी रहे और धार्मिक पर्वों की गरिमा भी बरकरार रह सके.
मंदिर जाने में होती है कठिनाई
पकरीबरावां निवासी ने बताया कि वारसलीगंज मोड़ पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है. देवी स्थान के रास्ते में होने के कारण वहां जाना हमारी मजबूरी है. बदबू इतनी तेज होती है कि नाक पर रूमाल रखकर ही वहां से गुजरना पड़ता है. प्रशासन को इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए.
रास्ते में मुर्गा, मीट की दुकानें गंदगी फैला रही
स्थानीय लोगों ने बताया कि वारिसलीगंज मोड़ पर गंदगी और शौचालय की सफाई के बारे में कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासन को कहा गया, बावजूद इस और किसी का ध्यान नहीं आया. जिसके कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है.
प्रशासन और जनप्रतिनिधी भी नहीं सुनते
लोगों ने कहा कि वारिसलीगंज मोड़ मुख्यालय का हृदयस्थल है, जहां हर समय लोगों की आवाजाही बनी रहती है. इसके बावजूद यहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है और शौचालय की व्यवस्था भी सही नहीं है. प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या पर विशेष ध्यान देना चाहिए. वहीं सुदामा चौहान, भाजपा जिला कार्यालय मंत्री, पकरीबरावां ने बताया कि यात्रा के दौरान लोगों को शौचालय की समस्या का सामना करना पड़ता है.
शौचालय के आसपास ही मीट, मुर्गा और मछली की दुकानें लगी रहती हैं. जिससे वहां हमेशा सड़ांध बनी रहती है. अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मुख्यालय में बीमारी फैलने का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है.
