Nawada News: खरीफ सीजन को देखते हुए मंगलवार को रजौली प्रखंड कार्यालय परिसर में किसानों और खाद-बीज विक्रेताओं के साथ प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार ने की. बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव झा, अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी, बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष सह आत्मा मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में किसान और खाद-बीज विक्रेता मौजूद रहे.
कालाबाजारी पर सख्ती, औचक जांच के निर्देश
बैठक में प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार ने खाद-बीज विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि उर्वरकों की बिक्री सरकार द्वारा निर्धारित दर पर ही की जाए. उन्होंने कहा कि उर्वरक की कालाबाजारी और मनमानी पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी. उर्वरक निरीक्षकों को लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है. दुकानों पर स्टॉक और रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करनी होगी. तय दर से अधिक कीमत वसूलने वाले विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
किसानों से रजिस्ट्रेशन और बिहार कृषि ऐप डाउनलोड करने की अपील
बीडीओ संजीव झा ने किसानों से किसान पंजीकरण कराने की अपील की, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और अनुदान का लाभ समय पर मिल सके. उन्होंने खाद-बीज विक्रेताओं से कहा कि दुकान पर आने वाले प्रत्येक किसान के मोबाइल में बिहार कृषि ऐप डाउनलोड कराया जाए. उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से खाद-बीज की उपलब्धता, कृषि विभाग के अधिकारियों और किसान सलाहकारों की जानकारी सहित कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध हैं.
जैविक खाद के उपयोग पर दिया जोर
प्रखंड कृषि पदाधिकारी ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैविक खाद के उपयोग पर भी बल दिया. उन्होंने कहा कि गोबर, केंचुआ खाद और गौमूत्र जैसे प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और फसल उत्पादन में भी वृद्धि होती है.
पंचायत स्तर पर होगी निगरानी
बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि सभी कृषि समन्वयक सह उर्वरक निरीक्षक अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर खाद दुकानों की निगरानी करेंगे. किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी.
जमीन हस्तांतरण की समस्या पर किसानों को मिली राहत
बैठक के दौरान सलेमपुर निवासी किसान अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि जमीन उनकी मां के नाम होने के कारण उन्हें सरकारी अनुदान का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इस पर अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वंशावली या बंटवारे से संबंधित दस्तावेज लेकर अंचल कार्यालय आने पर नियमानुसार जमीन उनके नाम स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें.
प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया कि खरीफ सीजन के दौरान खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकार की कृत्रिम कमी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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