Nawada News : बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित रजौली के चितरकोली समेकित जांच चौकी पर उत्पाद विभाग ने एक बार फिर नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 280 किलो अवैध गांजा बरामद किया है. इस खेप की अनुमानित कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है. सघन जांच के दौरान एक मिनी कंटेनर ट्रक से यह बड़ी बरामदगी हुई, जबकि मौके से दो तस्करों को भी गिरफ्तार कर लिया गया.
उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई से तस्करों के बीच हड़कंप मच गया है. अधिकारी अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुट गए हैं.
हजारीबाग से पटना भेजी जा रही थी खेप
जानकारी के अनुसार, उत्पाद अधीक्षक गणेश चंद्रा के निर्देश पर और उत्पाद इंस्पेक्टर अमृत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में जांच चौकी पर हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से जांच की जा रही थी. इसी दौरान झारखंड की ओर से आ रहे एक संदिग्ध मिनी कंटेनर ट्रक संख्या PB10FF8269 को रोका गया.
जब चालक और उपचालक से पूछताछ की गई तो मामला संदिग्ध लगा. सख्ती से पूछने पर खुलासा हुआ कि गांजे की यह खेप झारखंड के हजारीबाग से लोड की गई थी और इसे पटना के जीरो माइल इलाके में पहुंचाना था. वहां किसी अन्य तस्कर को यह माल सौंपा जाना था, लेकिन उससे पहले ही रजौली में उनकी योजना नाकाम हो गई.
गुप्त तहखाने से निकला भारी मात्रा में गांजा
वाहन की तलाशी के दौरान शुरुआत में कुछ खास नहीं मिला, लेकिन अधिकारियों को शक होने पर गहन जांच की गई. इसी दौरान कंटेनर के पिछले हिस्से में एक खास तरीके से बनाया गया गुप्त तहखाना मिला.
मौके पर मौजूद अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी की निगरानी में जब तहखाने को खोला गया, तो उसमें से भूरे टेप में लिपटे 27 पैकेट बरामद हुए. इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर कुल वजन 279.870 किलोग्राम यानी करीब 280 किलो पाया गया. हर पैकेट का वजन लगभग 10 से 10.5 किलो के बीच था.
इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने से जांच चौकी पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज
इस मामले में उत्पाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक चालक और उपचालक को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पंजाब के लुधियाना जिले के मोतीनगर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव निवासी राजेंद्र कुमार और अरविंद कुमार के रूप में हुई है.
जब्त किए गए ट्रक और गांजे को विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जा रहा है.
नेटवर्क खंगालने में जुटा विभाग
उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई एक बड़े तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है. गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के आधार पर अब इस पूरे गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है.
