रजौली में उफान पर धनार्जय नदी, सिल्ली-दिबौर गांव का संपर्क टूटा; 10 साल से अधूरा पड़ा पुल बना परेशानी की वजह

रजौली में धनार्जय नदी के उफान से सिल्ली-दिबौर गांव का संपर्क टूटा। 10 साल से अधूरा पड़ा पुल ग्रामीणों के लिए बना मुसीबत, प्रशासन ने दिया आश्वासन।

सोमवार की रात से जारी मूसलाधार बारिश ने रजौली प्रखंड में धनार्जय नदी को प्रचंड रूप में ला खड़ा किया है. पहाड़ी इलाकों से आने वाली इस उफनती नदी के तेज बहाव ने चितरकोली पंचायत के सिल्ली-दिबौर गांव का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह काट दिया है.गांव की मुख्य जीवनरेखा कही जाने वाली यह नदी हर बरसात में उफान पर आकर विकराल रूप धारण कर लेती है, जिससे ग्रामीणों की जिंदगी पूरी तरह थम सी जाती है.

जान हथेली पर रखकर सफर

नदी का जलस्तर बढ़ने से बने खतरनाक हालात के बीच ग्रामीण रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों के लिए जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं. अशोक यादव, राजकुमार यादव, विकास कुमार, संतोष यादव, दिलीप यादव, रौशन यादव और पिंटू यादव समेत दर्जनों ग्रामीणों की आंखों में खौफ साफ देखा जा सकता है. गांव के युवा और वयस्क अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए कमर भर बहते पानी से गुजरकर किसी तरह बाजार और प्रखंड मुख्यालय पहुंच रहे हैं.

ठप हुआ गांव का जनजीवन

इस संकट का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि महिलाओं, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए नदी पार करना नामुमकिन हो चुका है.उनका आवागमन पूरी तरह ठप पड़ने से बच्चों की शिक्षा अधर में लटक गई है और किसी के बीमार पड़ने पर इलाज तक पहुंचना एक दूर की कौड़ी साबित हो रहा है.

10 वर्षों की उपेक्षा खड़े हैं पिलर, नहीं डला स्लैब

ग्रामीणों की इस बदहाली की कहानी एक दशक पुरानी है.करीब 10 वर्ष पूर्व इस नदी पर एक पक्के पुल का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन ठेकेदार के परिवार में हुई एक दुखद घटना के बाद यह काम बीच में ही रोक दिया गया. तब से आज तक यह पुल अधर में लटका हुआ है. नदी के बीच सिर्फ पिलर खड़े दिखाई देते हैं, जिन पर स्लैब ढालना प्रशासन भूल चुका है. हर साल बारिश का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण प्रशासनिक चौखट और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाते हैं, मगर उन्हें सिर्फ आश्वासनों की घुट्टी पिलाकर छोड़ दिया जाता है.

प्रशासन का दावा जल्द शुरू होगा पक्के पुल का निर्माण

इस गंभीर समस्या पर रजौली के बीडीओ संजीव झा ने बताया कि सिल्ली-दिबौर गांव के समीप निवास करने वाले बिरहोर समुदाय के लोगों के लिए भी यह रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने ग्रामीणों को राहत देने वाली जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार द्वारा इस नदी पर पक्के पुल के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है.जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू कराया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को हर साल की इस जानलेवा समस्या और नारकीय सफर से स्थाई मुक्ति मिल सके.

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By कुमार मनीष देव

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