Nawada News : बिहार सरकार की मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत जन्मजात हृदय रोग (दिल में छेद) से पीड़ित बच्चों को निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. योजना के माध्यम से अब तक जिले के दर्जनों बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया जा चुका है. सदर अस्पताल के माध्यम से इस योजना का लाभ 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को दिया जा रहा है. इलाज के लिए अहमदाबाद के सत्य साईं अस्पताल, आईजीआईएमएस पटना सहित अन्य सूचीबद्ध अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की व्यवस्था है.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में 19 बच्चों को मिला योजना का लाभ
आरबीएसके की जिला समन्वयक डॉ. रश्मि कुमारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के कुल 19 बच्चों को मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया है. योजना के तहत रविवार को मिल्की धिवरी सामाय गांव निवासी रवि कुमार के दो वर्षीय पुत्र प्रीतम कुमार तथा रामरायचक गांव निवासी रागिव रंजन के 10 वर्ष 5 माह के पुत्र आयुष राज को जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से एंबुलेंस द्वारा बेहतर इलाज के लिए पटना भेजा गया.
गांव-गांव तक पहुंचाई जा रही योजना की सुविधा
डॉ. रश्मि कुमारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार चौधरी, डीपीएम अमित कुमार तथा एसीएमओ डॉ. आफताब कलीम के सहयोग से जरूरतमंद बच्चों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.
अधिकारी बोले, हृदय रोग के लक्षण दिखें तो तुरंत करें संपर्क
आरबीएसके की जिला समन्वयक डॉ. रश्मि कुमारी ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को निःशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है. उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में हृदय संबंधी बीमारी के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें. सरकार की यह सुविधा शहर से लेकर गांव तक उपलब्ध है, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके.
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