Nawada News : टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पीरामल फाउंडेशन ने रजौली प्रखंड की अंधवारी पंचायत स्थित शोभा बीघा उर्फ अंधवारी डीह महादलित टोला में टीबी स्क्रीनिंग अभियान की जमीनी हकीकत का आकलन किया. पीरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर निर्भय कुमार सिंह ने घर-घर जाकर ग्रामीणों से बातचीत की और स्क्रीनिंग की प्रगति की जानकारी ली.
अधिकांश परिवारों की हो चुकी है स्क्रीनिंग
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अधिकांश परिवारों तक टीबी स्क्रीनिंग की सुविधा पहुंच चुकी है. हालांकि कुछ लोग मजदूरी के लिए बाहर होने या अन्य कारणों से स्क्रीनिंग से वंचित रह गए थे. निर्भय कुमार सिंह ने ऐसे सभी छूटे हुए लाभार्थियों की जल्द से जल्द स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया.
टीबी के लक्षण और समय पर इलाज की दी जानकारी
अभियान के दौरान ग्रामीणों को टीबी के लक्षण, समय पर जांच और नियमित उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया. उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, वजन में कमी, बुखार या रात में अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करानी चाहिए. समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी का पूरी तरह इलाज संभव है.
सामाजिक भेदभाव खत्म करने की अपील
निर्भय कुमार सिंह ने कहा कि महादलित बस्तियों सहित सभी समुदायों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, ताकि कोई भी संभावित मरीज जांच और उपचार से वंचित न रहे. उन्होंने ग्रामीणों से टीबी से जुड़े भ्रम और सामाजिक भेदभाव को दूर करने तथा लक्षण दिखाई देने पर बिना किसी संकोच के जांच कराने की अपील की.
स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चल रहा जागरूकता अभियान
ग्रामीणों ने भी अभियान में सहयोग देने और छूटे हुए लाभार्थियों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया. पीरामल फाउंडेशन स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से लगातार समुदाय में जागरूकता बढ़ाने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक टीबी स्क्रीनिंग एवं उपचार की सुविधा पहुंचाने के लिए अभियान चला रहा है.
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