नवादा में 4 साल बाद भी नहीं बना सार्वजनिक शौचालय, रजौली बस स्टैंड पर खुले में शौच को मजबूर लोग

नवादा जिले के रजौली नगर पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय की घोर कमी है. चार साल से अधूरे वादे के कारण यात्रियों और दुकानदारों को खुले में शौच की समस्या से जूझना पड़ रहा है. सात जगह चिह्नित होने के बाद भी निर्माण अधर में है.

Rajauli Public Toilet Issue Nawada : नवादा जिले के रजौली नगर पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय का अभाव लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है. बाईपास स्थित स्थायी बस स्टैंड और आसपास के इलाके में शौचालय नहीं होने के कारण लोग ओवरब्रिज के नीचे और सड़क किनारे खुले में शौच करने को मजबूर हैं. इससे यात्रियों, दुकानदारों और स्थानीय लोगों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है.

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स्थानीय दुकानदारों ने ओवरब्रिज के नीचे खुले में शौच रोकने के लिए बांस लगाकर घेराबंदी की, लेकिन इसके बावजूद लोग वहां शौच कर रहे हैं. कई बार इस बात को लेकर दुकानदारों और लोगों के बीच विवाद की स्थिति भी बन चुकी है.

चार साल बाद भी अधूरा वादा

नगर पंचायत गठन के समय सार्वजनिक शौचालय निर्माण का वादा किया गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि चुनाव के चार वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक बस स्टैंड पर एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं बन सका. इससे खासकर बाजार आने वाली महिलाओं और यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है.

हजारों यात्रियों को रोज हो रही परेशान

स्थानीय निवासी संजय सिंह ने बताया कि बाईपास बस स्टैंड पर प्रतिदिन हजारों यात्रियों का आवागमन होता है. फोरलेन निर्माण से पहले जिला परिषद द्वारा बनाया गया शौचालय सड़क निर्माण के दौरान तोड़ दिया गया था. उसके बाद आज तक नई व्यवस्था नहीं हो सकी, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है.

शौचालय के लिए सात जगह चिह्नित

अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय निर्माण के लिए अनुमंडलीय अस्पताल, संगत, राज शिवालय मंदिर, बाईपास सहित कुल सात स्थानों को चिह्नित कर रिपोर्ट नगर पंचायत को भेज दी गई है. वहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी संजीव झा ने भी पुष्टि की कि स्थान चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब निर्माण की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है. हालांकि इस मामले में नगर पंचायत पदाधिकारी आतिश रंजन से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका पक्ष नहीं मिल सका.


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By Kr manish dev

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