नवादा के कुमार मनीष देव की रिपोर्ट
Nawada Rajouli Violent Clash News: नवादा के रजौली से जमीनी रंजिश के कारण हुए खून-खराबे की खबर सामने आई है. स्थानीय रजौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फरका बुजुर्ग गांव में गुरुवार की दोपहर जमीनी वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया. इस भीषण मारपीट के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से जमकर लाठी-डंडे, लोहे के रॉड और ईंट-पत्थर चले, जिसमें दोनों तरफ से कुल मिलाकर लगभग एक दर्जन लोग घायल हो गए हैं.
एक पक्ष के 7 और दूसरे पक्ष के 5 लोग अस्पताल में भर्ती
अनुमंडलीय अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, सभी घायलों को परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तुरंत इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल रजौली में भर्ती कराया गया है. अस्पताल में मौजुद डॉक्टर डॉ. गजेंद्र कुमार ने बताया कि घायलों में फरका बुजुर्ग गांव निवासी उमेश यादव के पुत्र पवन कुमार, उनकी पत्नी ऊषा देवी, बहू बिंदु देवी, कृष्णदेव यादव की पत्नी पार्वती देवी, स्वर्गीय ब्रह्मदेव यादव के पुत्र उमेश यादव, कृष्ण यादव के पुत्र रौशन कुमार, जितेंद्र यादव की पत्नी कंचन देवी, फ्रेश यादव के पुत्र नीतीश कुमार और रीना देवी शामिल हैं.
डॉक्टर ने बताया कि सभी घायलों का प्राथमिक इलाज कर जरूरी सुइयां और दवाइयां से की गई हैं. घायल पवन कुमार के सिर में गंभीर जख्म होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए पावापुरी स्थित विम्स (VIMS) अस्पताल रेफर किया गया है. वहीं घायल नीतीश कुमार और रीना देवी के सिर में भी गहरी चोटें हैं, जिसके कारण उन्हें नवादा सदर अस्पताल में सीटी स्कैन करवाने की सलाह देकर भेजा गया है.
कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में, फिर भी जबरन खेत जोता
अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती घायल कृष्ण यादव ने आरोप लगाया कि गोतिया में रहने वाले नीतीश कुमार, महेश कुमार, शंकर कुमार, शिव कुमार, मुकेश कुमार, उपेंद्र कुमार, सुरेश यादव, राजो यादव एवं फ्रेश यादव हमारी पुश्तैनी जमीन पर जबरन ट्रैक्टर चलाकर अवैध कब्जा कर रहे थे. जब पीड़ित परिवार ने इसका कड़ा विरोध किया, तो इन लोगों ने लोहे के रॉड और लाठियों से अचानक हमला कर दिया. कृष्ण यादव ने दावा किया कि इस जमीन को लेकर कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आ चुका है, फिर भी विरोधी गुंडागर्दी पर आमादा हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान कई बार पुलिस की डायल 112 की टीम को भी बुलाया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
पंचायत के फैसलों को मानने के लिए तैयार नहीं है दूसरा पक्ष
वहीं दूसरी तरफ से अस्पताल में भर्ती घायल नीतीश कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.
नीतीश कुमार ने पुलिस को बताया कि इस विवादित जमीन को लेकर गांव में कई बार पंचायती बुलाई जा चुकी है, लेकिन विपक्षी परिवार पंचायत के किसी भी फैसले को मानने के लिए राजी नहीं है. गुरुवार को जब वे नियमानुसार अपना खेत जोतने गए थे, तो विपक्षी उमेश यादव, कृष्ण यादव, रौशन कुमार, पवन कुमार, कुलदीप यादव एवं कंचन देवी सहित अन्य लोगों ने हथियारों के साथ उन पर हमला बोल दिया, जिससे उनके पक्ष के 4-5 लोग लहूलुहान हो गए.
इस हिंसक वारदात के बाद दोनों पक्षों ने रजौली थाने में एक-दूसरे के खिलाफ लिखित आवेदन सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है. इस संबंध में रजौली थानाध्यक्ष रणजीत कुमार ने बताया कि जमीन विवाद में मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंच गई थी. साथ ही दोनों पक्षों के पीड़ितों से मिले लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिक दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है.
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