Nawada News (मनोज कुमार): नवादा में पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करने और दारोगा पर ट्रैक्टर चढ़ाने वाले मुख्य आरोपियों पर कानून का शिकंजा कस गया है. तकनीकी अनुसंधान और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर पिंटू राजवंशी को मेसकौर से गिरफ्तार कर लिया है. वहीं पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए मुख्य साजिशकर्ता और ट्रैक्टर मालिक अजीत यादव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है.
गिरफ्तार ड्राइवर पिंटू राजवंशी नारदीगंज थाना क्षेत्र के पथरा केसौरिया का और ट्रैक्टर मालिक अजीत यादव केसौरिया गांव का रहने वाला है. सदर एसडीपीओ टू राहुल सिंह ने बताया कि दोनों ने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया है, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
दारोगा पर ही चढ़ा दिया था तेज रफ्तार ट्रैक्टर
यह पूरा मामला बीते 13 अप्रैल का है, जब नारदीगंज पुलिस को मधुबन के पास पंचाने नदी से अवैध बालू खनन की गुप्त सूचना मिली थी. एएसआई नागेंद्र कुमार के नेतृत्व में जब गश्ती दल वहां छापेमारी करने पहुंचा, तो बालू माफिया ट्रैक्टर लेकर भागने लगे. इसी दौरान घेराबंदी कर रही पुलिस टीम के दारोगा पर चालक ने जानबूझकर तेज रफ्तार ट्रैक्टर चढ़ा दिया. गंभीर रूप से घायल दारोगा को प्राथमिक इलाज के बाद पटना रेफर किया गया था, जहां फिलहाल उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है. वारदात के वक्त बालू चोरों का दुस्साहस इस कदर था कि उन्होंने जांच करने गई पुलिस टीम पर भारी पथराव भी किया था.
आईजी विकास वैभव ने लिया था जायजा, 19 महिलाओं समेत 28 गिरफ्तार
इस सनसनीखेज घटना की गंभीरता को देखते हुए मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने खुद वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ घटनास्थल का जायजा लिया था और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इसके बाद पर्याप्त पुलिस बल के साथ केसौरिया गांव में की गई बड़ी छापेमारी में पुलिस ने हमला करने और बालू धंधेबाजी में सहयोग करने के आरोप में 19 महिलाओं समेत 28 लोगों को गिरफ्तार किया था. इस दौरान मौके से 20 बाइक, दो स्कॉर्पियो और एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया था. स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पुलिस और बिचौलियों के गठजोड़ के कारण ही बालू माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं. अगर दारोगा पर ट्रैक्टर नहीं चढ़ता, तो शायद इतनी बड़ी कार्रवाई भी देखने को नहीं मिलती.
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