Nawada News : (कुमार मनीष देव) नवादा जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र के भारत गैस एजेंसी के उपभोक्ताओं को घरेलू गैस सिलिंडर के लिए काफी परेशान होना पड़ रहा है. गैस सिलिंडर के लिए नंबर लगाने और ओटीपी दे दिये जाने के बाद भी होम डिलीवरी के लिए कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है. वहां भी कोई सुननेवाला नहीं है.
इसके बाद गोदाम का चक्कर लगाना पड़ रहा है. गोदाम के बाहर बीते तीन दिनों से सुबह चार बजे से लेकर दोपहर के एक बजे तक कड़ी धूप में लोग लाइन लगा कर सिलिंडर के लिए खड़े रहते हैं. जहां एक तरफ भारत गैस का स्लोगन ‘बनाइये खाना, परसोइए प्यार’ है, वहीं वास्तविकता में ‘ना बनेगा खाना, ना परोसा जायेगा प्यार’ प्रतीत हो रहा है.
गैस नहीं मिलने से लोगों में नाराजगी
रजौली के निशा भारत गैस एजेंसी के कार्यशैली से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एजेंसी के द्वारा उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी नहीं दिये जाने के साथ-साथ सही जानकारी नहीं देने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
शुक्रवार की सुबह भी सिमरकोल स्थित निशा भारत गैस के गोदाम पर सैकड़ों लोग घंटों तक गैस मिलने के इंतजार में रहने के बाद थक हारकर बैरंग वापस घर लौट गये. लोगों की मांग है कि एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो,अन्यथा सही जानकारी दिया जाये. परेशान उपभोक्ताओं ने सरकार और जिला प्रशासन के खोखले दावों पर रोष भी व्यक्त किया.
ओटीपी देने पर भी चार दिनों तक नहीं मिला सिलिंडर
सिमरकोल निवासी सोनी कुमारी कहती हैं कि एजेंसी को ओटीपी दिये जाने के बाद भी वे बीते चार दिनों से गैस सिलिंडर के लिए परेशान हैं. वे शुक्रवार के अलावे गुरुवार को सुबह चार बजे से लेकर दोपहर एक बजे तक खाली गैस सिलिंडर लेकर कतार में खड़ी रही.
चार दिनों से लगा रहे गैस गोदाम का चक्कर
कुंडला मुहल्ले की काजिमा खातून ने कहा कि वे बीते चार दिनों सिर पर रखकर खाली गैस सिलिंडर लाती और ले जा रही हैं. उनकी परेशानी कोई समझने वाला नहीं है. दिबौर गांव निवासी नजमा खातून ने कहा कि गैस सिलिंडर खत्म होने के कारण वे मायके चली गई थी.
उन्होंने गैस मिलने की खबर सुनी तो वापस अपने घर लौटी है. दो दिनों से कतार में रहने के बावजूद गैस नहीं मिलने पर वे चाय-बिस्कुट खाकर जीने को मजबूर हैं.
कस्टमर ने कहा-एजेंसी के लोग कर रहे मनमानी
महसई मोहल्ला निवासी मो. नासिर ने बताया कि एजेंसी की ओर से एक सप्ताह से होम डिलीवरी नहीं की जा रही है. इतना ही नहीं गोदाम से भी गैस नहीं दी जा रही है.
वहीं, बलिया गांव निवासी छोटन प्रसाद व नंदकिशोर साव ने कहा कि वे लगातार तीन दिनों गोदाम के बाहर गैस सिलिंडर मिलने का इंतजार कर रहे हैं. जब घर जाते हैं,तो परिजनों को लगता है कि आज गैस लेकर लौटे हैं. उन्होंने कहा कि गैस एजेंसी को ठोस कदम उठाना चाहिए, जिससे परेशानी कम हो.
एजेंसी का दावा : सप्लाइ कम होने से परेशानी
इन समस्याओं पर निशा भारत गैस की संचालिका निशा राजवंशी ने बताया कि तीन दिन पहले ही गैस सिलिंडर की एक गाड़ी आयी थी, जिसमें रहे 360 सिलेंडरों को गोदाम के पास ही रात के आठ बजे तक वितरित कर दिया गया था.
उन्होंने यह भी कहा कि गैस की गाड़ी आने पर ही वे ग्राहकों को गैस सिलिंडर उपलब्ध करवा पायेंगी.
