Nawada News (कुमार मनीष देव की रिपोर्ट): नवादा जिले के रजौली प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अमावां गांव स्थित संगत में बीते एक माह से दो महंतों के बीच झगड़े को लेकर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. इस विवाद को लेकर स्थानीय थाने में अबतक तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है. जिनमें से दो मामले विशेष रूप से एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज हैं. दर्ज प्राथमिकी को लेकर बुधवार को एसडीपीओ गुलशन कुमार और थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रणजीत कुमार पुलिस बलों के साथ अमावां गांव पहुंचे.
ग्रामीणों ने रखा अपना पक्ष
पुलिस पदाधिकारियों ने गांव के प्रबुद्ध लोगों से विस्तारपूर्वक बातचीत की एवं इस पूरे झगड़े की मुख्य जड़ को समझने का प्रयास किया. ग्रामीणों ने भी अपने-अपने पक्ष पुलिस प्रशासन के समक्ष पूरी मजबूती से रखे. पुलिस बलों ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं कानूनी रूप से उपयुक्त फोरम में अपनी बात रखने की अपील की है. अमावां संगत में बीते 10 वर्षों से महंत के पद पर शक्ति मुनि दास आसीन थे.
10 वर्षों का नहीं मिला हिसाब
गांव के लोगों की कमिटी संगत की जमीन से अर्जित होने वाली आय का ब्यौरा रखा करती थी. आरोप है कि कमिटी के नवल किशोर सिंह एवं अन्य कुछ लोगों द्वारा अर्जित आय का ब्यौरा बीते 10 वर्षों से सार्वजनिक नहीं किया गया था. साथ ही अपने कुकर्म को छुपाने के लिए दयानंद मुनि नामक व्यक्ति को षड्यंत्र रचकर प्रशासनिक सहयोग से बीते 19 मार्च 2026 को पदभार ग्रहण करवा दिया गया.
पारंपरिक क्रियाएं नहीं की गईं
इस पदभार ग्रहण के दौरान चादरपोशी समेत अन्य कई पारंपरिक धार्मिक क्रियाएं पूरी नहीं की गई थीं. इससे ग्रामीण स्पष्ट रूप से दो गुटों में बंट गए. किंतु अधिकांश ग्रामीणों का मानना है कि वे पुराने महंत शक्ति मुनि दास को ही पुनः महंत पद पर देखना चाहते हैं. ग्रामीणों ने नवनियुक्त महंत दयानंद मुनि पर पूर्व में कई संगीन आरोप भी लगाते रहे हैं. जिससे विवाद बढ़ गया.
चादरपोशी के दौरान हुआ हंगामा
अमावां गांव के हजारों ग्रामीणों ने बीते 15 मई 2026 को पुराने महंत शक्ति मुनि दास को संगत में धूमधाम से चादरपोशी किया और नए महंत दयानंद मुनि का पूर्ण बहिष्कार किया. इस दौरान हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बीचबचाव किया और मामले को नियंत्रित किया. इस प्रकरण को लेकर महंत दयानंद मुनि ने गांव के टिंकू राय, शंकर सिंह, मनोज सिंह, सोनू सिंह, मुन्ना सिंह, बड़न राजवंशी एवं तिनका रविदास के विरुद्ध थाना कांड संख्या 261/26 में प्राथमिकी दर्ज करवाई. बाद में 60-70 नाम और जोड़ने के लिए दूसरा आवेदन भी दिया गया.
एससी एसटी एक्ट के तहत केस
पुलिस पदाधिकारियों के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि 17 मई को अमावां निवासी लक्ष्मण राजवंशी ने रामसागर सिंह, सुजीत सिंह, राकेश सिंह, नीरज सिंह, धनंजय सिंह समेत अन्य लोगों पर मंदिर पर प्रवेश करने से रोकने एवं मारपीट कर छिनतई करने का आरोप लगाया. वहीं दूसरी ओर अगले ही दिन 18 मई को गयाजी जिले के वजीरगंज थाना क्षेत्र के मंझौली गांव निवासी रामजी मांझी ने शंकर सिंह, मुन्ना सिंह, बौद्धू सिंह, रामजी यादव, सुमन सिंह, सातो सिंह समेत अन्य पर राशन का समान खरीदने के दौरान मारपीट एवं छिनतई का आरोप लगाया. पुलिस ने दोनों मामलों में एसएसी-एसटी एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली.
पुलिस बल की हुई प्रतिनियुक्ति
एसडीपीओ गुलशन कुमार ने ग्रामीणों से बातचीत कर सभी बिंदुओं पर जानकारी ली. साथ ही कहा कि संगत में नवनियुक्त महंत के पदस्थापना से ग्रामीणों में भारी रोष था. महंत द्वारा प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी. इसी आलोक में वे अमावां संगत आए थे. एसडीपीओ ने ग्रामीणों से अपील किया कि वे महंत पद के लिए आपस में झगड़ा ना करें, बल्कि उचित फोरम में जाकर कानूनी रूप से अपनी बात रखें. उन्होंने कहा कि अमावां संगत में पुलिस बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है. पुलिस मामले को लेकर अग्रतर कार्रवाई में जुटी हुई है.
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