Nawada News: नवादा जिले के पकरीबरावां थाना क्षेत्र से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक और अमानवीय वारदात सामने आई है. सुदनपुर गांव में चोरी का आरोप लगाकर एक युवक को न सिर्फ बेरहमी से पीटा गया, बल्कि क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसका सिर मुंडवा दिया गया, चेहरे पर कालिख पोती गई और उसे थूक चटाने पर मजबूर किया गया. इतना ही नहीं, बेखौफ भीड़ ने युवक को अर्धनग्न हालत में पूरे गांव में घुमाया. इस तालिबानी सजा का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल है.
शाम को घर में सो रहा था पीड़ित शाहनवाज, 30 लोगों ने जबरन घर से उठाया
घटना को लेकर पीड़ित युवक शाहनवाज (पिता मोहम्मद नईम, निवासी सुदनपुर) ने पकरीबरावां थाने में न्याय की गुहार लगाते हुए एक बेहद भावुक और लिखित आवेदन दिया है. शाहनवाज ने बताया कि शाम के वक्त वह अपने घर में शांति से सोया हुआ था. इसी दौरान गांव के ही करीब 30 लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उसके घर में जबरन घुस आए. आरोपी उसे घसीटते हुए जबरन पकड़कर गांव के ही मरहूम इजहार के घर ले गए. वहां भीड़ ने उस पर आरोप लगाया कि वह चोरी की नीयत से एक घर के अंदर प्रवेश कर रहा था.
थूक चटाया और सिर मुंडाया, पीड़ित ने कहा “न्याय नहीं मिला तो दे दूंगा जान”
शाहनवाज का कहना है कि जब उसने चोरी के आरोपों से साफ इनकार किया, तो भीड़ में शामिल लोग उग्र हो गए. उन्होंने पहले उसे खंभे से बांधकर लाठी-डंडों से लहूलुहान होने तक पीटा. इसके बाद बर्बरता दिखाते हुए नाई को बुलाकर उसका सिर मुंडवा दिया गया, पूरे चेहरे पर कालिख पोत दी गई और जमीन पर थूक फेंककर उसे चटने के लिए विवश किया गया. इसके बाद उसे पूरे गांव की गलियों में घुमाकर तमाशा बनाया गया.
पीड़ित युवक इस अमानवीय व्यवहार के बाद गहरे सदमे और मानसिक अवसाद में है. उसने अपने लिखित आवेदन में पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए साफ कहा है कि यदि इस घिनौनी हरकत के खिलाफ उसे और उसके परिवार को तुरंत न्याय नहीं मिला, तो वह समाज में बदनामी के कारण कोई भी कठोर आत्मघाती कदम (जान देने) उठाने को विवश हो जाएगा.
थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रंजन चौधरी का बड़ा एक्शन, 14 नामजद समेत 34 पर FIR दर्ज
इस खौफनाक मामले की जानकारी मिलते ही पकरीबरावां थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रंजन चौधरी तुरंत पुलिस बल के साथ एक्टिव मोड में आ गए हैं. पुलिस ने पीड़ित के लिखित आवेदन के आधार पर पकरीबरावां थाना कांड संख्या 242/26 दर्ज कर लिया है. इस प्राथमिकी में 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 20 अन्य अज्ञात उपद्रवियों को शामिल किया गया है.
थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है और इस कांड में संलिप्त दो विधि-विरुद्ध किशोरों (बाल अपचारियों) को पुलिस ने तुरंत निरुद्ध (हिरासत में) कर लिया है. उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतंत्र में किसी भी नागरिक या भीड़ को कानून हाथ में लेने और खुद जज बनने का कोई अधिकार नहीं है. पीड़ित शाहनवाज को पूरी सुरक्षा दी जा रही है और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य फरार 14 नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार गांव और संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं. दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
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