पकरीबरावां बाजार में सार्वजनिक शौचालय का संकट, यात्रियों और स्थानीय लोगों की बढ़ी परेशानी

Nawada News: नवादा के पकरीबरावां बाजार में सार्वजनिक शौचालय की समुचित व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों और हजारों यात्रियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने और नए शौचालय निर्माण का प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी है.

Nawada News (विश्वनाथ कुमार की रिपोर्ट): नवादा जिले के पकरीबरावां बाजार में सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ मुख्यालय आने वाले हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. शौचालय के अभाव में लोगों को मजबूर होकर आसपास के घरों का सहारा लेना पड़ता है. लंबे समय से स्थानीय नागरिक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सार्वजनिक शौचालय निर्माण की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर चुनाव में सार्वजनिक शौचालय का मुद्दा उठता है और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इसके निर्माण का आश्वासन देते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही यह वादा भी अन्य वादों की तरह अधूरा रह जाता है.

श्रावणी मेला और जैन तीर्थ यात्रियों को भी होती है परेशानी

पकरीबरावां होकर श्रावणी मेला के दौरान देवघर जाने वाले लाखों कांवरियों तथा जैन धर्मावलंबियों के लिए लछुआड़ जाने का प्रमुख मार्ग गुजरता है. ऐसे में बाजार में सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से बाहरी यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है. कई बार यात्रियों को खुले में शौच जाने या स्थानीय लोगों के घरों का सहारा लेने की मजबूरी होती है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिहार सरकार श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारी करती है, लेकिन इतनी महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित पकरीबरावां बाजार में शौचालय की व्यवस्था नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है.

सांसद निधि से बने शौचालय भी हुए बेकार

जानकारी के अनुसार पूर्व सांसद भोला सिंह की सांसद निधि से बाजार के तीन स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था. हालांकि निर्माण की गुणवत्ता और रखरखाव के अभाव में ये शौचालय आज उपयोग के लायक नहीं रह गए हैं.

वारिसलीगंज मोड़ स्थित शौचालय के सामने मछली विक्रेताओं द्वारा दुकान लगाए जाने से स्थिति और खराब हो गई है. स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत कई बार थाना और अंचल प्रशासन से की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है. शांति समिति की बैठकों में भी पुराने और जर्जर शौचालयों को हटाकर नए शौचालय निर्माण की मांग उठती रही है.

लोगों ने जनप्रतिनिधियों से की पहल की मांग

मुख्यालय के बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्थानीय विधायक, सांसद तथा जिला परिषद प्रतिनिधियों से इस दिशा में पहल कर जल्द सार्वजनिक शौचालय निर्माण कराने की मांग की है, ताकि आम लोगों और यात्रियों को राहत मिल सके.

क्या कहते हैं बीडीओ

प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय कुमार ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही बाजार स्थित शौचालय की सफाई कराई गई थी, लेकिन अतिक्रमणकारियों द्वारा शौचालय में सामान रख दिए जाने के कारण वह पुनः गंदा हो गया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर शौचालय के आसपास से अतिक्रमण हटाया जाएगा, ताकि आम लोगों के लिए शौचालय की सुविधा सुचारू रूप से उपलब्ध रह सके.
उन्होंने बताया कि जो शौचालय पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है, उसके स्थान पर नए शौचालय के निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर संबंधित विभाग को भेज दिया गया है. स्वीकृति मिलने के बाद जल्द ही नए शौचालय का निर्माण कराया जाएगा.

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Published by: Vikash Jha

विकाश झा एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार और कंटेंट प्रोफेशनल हैं, जिन्हें मीडिया, डिजिटल कंटेंट और सोशल मीडिया कम्युनिकेशन के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव है। वर्तमान में वह प्रभात खबर में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2020 में भोपाल से हुई, जिसके बाद उन्होंने ETV Bharat, Bharat Express और News24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में विभिन्न जिम्मेदार भूमिकाओं का निर्वहन किया। News24 से आगे बढ़ते हुए उन्होंने Adglobal360 India Pvt. Ltd. के माध्यम से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) में कंटेंट राइटर के रूप में कार्य किया। स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं। क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव है और वे क्रिकेट को सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अपनी लेखनी का महत्वपूर्ण विषय मानते हैं। उन्हें यात्रा करना, नए लोगों और स्थानों को जानना तथा समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले विकाश डिजिटल मीडिया की तेज रफ्तार दुनिया में तथ्यों पर आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने के लिए जाने जाते हैं।

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