नवादा में मनिहारी दुकान में लगी भीषण आग, गरीब दलित परिवार की आजीविका राख में तब्दील

Nawada News: नवादा के मेसकौर प्रखंड में शनिवार की देर रात एक मनिहारी दुकान में भीषण आग लगने से लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया. इस हादसे में पीड़ित गरीब दलित परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा छिन गया है, जिसके बाद पीड़ित ने अंचल अधिकारी से मुआवजे की गुहार लगाई है.

Nawada News (प्रेम कुमार): नवादा जिलांतर्गत मेसकौर प्रखंड से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है. प्रखंड की बिसियाइत पंचायत के बिसियाइत गांव में शनिवार की देर रात एक मनिहारी दुकान में अचानक आग लग गई. इस अगलगी की घटना में दुकान में रखा लाखों रुपये मूल्य का सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया. इस भीषण हादसे ने एक गरीब परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा छीन लिया है.

मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब नौ बजे अचानक दुकान से धुआं और तेज लपटें निकलती देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत शोर मचाकर आसपास के ग्रामीणों को इकट्ठा किया. ग्रामीणों ने काफी मशक्कत और सूझबूझ के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकान के अंदर रखा सारा सामान जल चुका था.

आंखों में आंसू लिए बोले पीड़ित- ‘अब कैसे होगा बच्चों का पालन-पोषण’

हादसे के बाद आंखों में आंसू लिए दुकान मालिक संजय पासवान ने अपना दर्द बयां किया. उन्होंने बताया कि यह मनिहारी दुकान ही उनके परिवार के भरण-पोषण का एकमात्र साधन थी. इसी दुकान से होने वाली आमदनी से उनकी पत्नी और बच्चों का गुजारा होता था. संजय पासवान ने रोते हुए कहा, “हम गरीब लोग हैं. इसी दुकान के सहारे घर चलता था. अब सब कुछ जलकर खत्म हो गया. समझ में नहीं आ रहा कि परिवार का गुजारा कैसे होगा.”

प्रशासन से मुआवजा और तत्काल राहत की मांग

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि संजय पासवान अत्यंत गरीब दलित परिवार से आते हैं. उन्होंने वर्षों की कड़ी मेहनत और पूंजी जोड़कर यह छोटी-सी दुकान खड़ी की थी. फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे आर्थिक संकट में डाल दिया है.

घटना के बाद पीड़ित संजय पासवान ने अंचल अधिकारी (सीओ) मेसकौर को लिखित आवेदन देकर उचित सरकारी मुआवजा और आर्थिक सहायता की मांग की है. इसके साथ ही गांव के लोगों ने भी जिला प्रशासन से प्रभावित परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की अपील की है ताकि यह परिवार दोबारा अपने पैरों पर खड़ा हो सके. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सरकारी मदद नहीं मिली तो परिवार के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा. इस घटना के बाद से पूरे बिसियाइत गांव में शोक और चिंता का माहौल है.

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Published by: Aditya Kumar Ravi

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