Nawada News(दशरथ मिस्त्री): नवादा के कौआकोल प्रखंड क्षेत्र के सोखोदेवरा पंचायत अंतर्गत पावापुरी-गोबरैया गाँव के बिरहोरटांड़ टोला में गुरुवार को जनजाति गरिमा उत्सव, 2026 के तहत एक विशेष पोषण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय के शिशुओं और छोटे बच्चों के आहार में सुधार लाकर उन्हें कुपोषण से बचाना है. कार्यक्रम में भारी संख्या में जनजातीय समुदाय की महिलाओं और अभिभावकों ने हिस्सा लिया, जिन्हें स्वास्थ्य और बेहतर जीवनशैली के गुर सिखाए गए.
मातृ-शिशु पोषण और स्तनपान के महत्व पर दिया गया जोर
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और पुरुषों को बच्चों के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए संतुलित आहार और नियमित देखभाल के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. बताया गया कि गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को अपने भोजन में पौष्टिक तत्वों को शामिल करने की सलाह दी गई, ताकि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकें. साथ ही नवजात शिशुओं के लिए अनिवार्य स्तनपान तथा छह माह के बाद दिए जाने वाले ऊपरी पौष्टिक पूरक आहार के बारे में वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीके समझाए गए.वहीं ग्रामीणों को आस-पास सफाई रखने और स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया.
स्वस्थ बालक ही स्वस्थ समाज की नींव – कल्याण पदाधिकारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रखंड कल्याण पदाधिकारी लोकेश नाथ चौधरी ने कहा कि किसी भी समाज का विकास उसके बच्चों के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ बालक ही एक उन्नत और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव होते हैं. जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य के स्तर को सुधारने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम बेहद जरूरी हैं. यह अभियान जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
ये रहे उपस्थित
इस जागरूकता कार्यक्रम के सफल संचालन में स्थानीय कार्यकर्ताओं और अधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा. मौके पर प्रखंड कल्याण पदाधिकारी लोकेश नाथ चौधरी के अलावा विकासमित्र जितेंद्र मांझी, आंगनबाड़ी सेविका आशा देवी सहित बड़ी संख्या में टोले के ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे उपस्थित थे.
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