Nawada News (बब्लू कुमार): नवादा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल ककोलत जलप्रपात में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. बुधवार को जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश, पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान तथा वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रेष्ठ कृष्णा ने संयुक्त रूप से गोविंदपुर प्रखंड स्थित ककोलत जलप्रपात का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान पर्यटकों की भारी भीड़, सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग, साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय, यातायात नियंत्रण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई.
गर्मी और छुट्टियों में उमड़ रही भारी भीड़
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि गर्मी के मौसम और अवकाश के दिनों में प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक ककोलत पहुंच रहे हैं. अधिक भीड़ के कारण कुंड क्षेत्र में अव्यवस्था, सुरक्षा जोखिम और पर्यावरणीय दबाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है. कई बार अत्यधिक भीड़ के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है. प्रशासन ने माना कि वर्तमान व्यवस्था बढ़ती पर्यटक संख्या के अनुरूप पर्याप्त नहीं है.
अब प्रतिदिन केवल 8000 पर्यटकों को मिलेगा प्रवेश
जिला प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन अधिकतम 8000 टिकट जारी करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा कुंड क्षेत्र में एक समय में सीमित संख्या में ही पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से कुंड क्षेत्र में पर्यटकों के ठहराव की अवधि अधिकतम एक घंटा तय की गई है. एक घंटा पूरा होने के बाद वहां मौजूद लोगों को बाहर भेजा जाएगा, जिसके बाद नए पर्यटकों को प्रवेश मिलेगा.
प्रवेश और पार्किंग शुल्क में संशोधन
प्रशासन द्वारा नई शुल्क व्यवस्था भी लागू की गई है. सोमवार से शुक्रवार तक, जबकि मंगलवार को ककोलत बंद रहेगा, प्रवेश शुल्क 100 रुपये प्रति व्यक्ति निर्धारित किया गया है. टू-व्हीलर पार्किंग शुल्क 100 रुपये तथा फोर-व्हीलर पार्किंग शुल्क 200 रुपये रखा गया है. वहीं, शनिवार और रविवार को बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रवेश शुल्क 200 रुपये प्रति व्यक्ति किया गया है. इन दिनों टू-व्हीलर पार्किंग 200 रुपये तथा फोर-व्हीलर पार्किंग 400 रुपये निर्धारित की गई है.
21 मई से लागू होगी नई व्यवस्था
जिला प्रशासन ने बताया कि नई व्यवस्था 21 मई 2026 से लागू होगी और जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगी. अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा पर्यटन स्थल की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.
पर्यटकों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता: डीएम
जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि ककोलत जलप्रपात नवादा की पहचान है और इसकी प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. बढ़ती भीड़ के कारण साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, आपदा प्रबंधन, पेयजल एवं शौचालय जैसी सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा था. इसी को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि पर्यटक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में ककोलत का आनंद ले सकें.
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