Nawada News: नवादा जिले के गोविंदपुर बाजार के मध्य स्थित प्राचीन शिव मंदिर क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना हुआ है. लगभग एक शताब्दी (100 वर्ष) से भी अधिक पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन सावन के पवित्र महीने में यहाँ भक्तों का तांता देखने को मिलता है.
सावन की सोमवारी पर उमड़ता है जनसैलाब, हर-हर महादेव से गुंजायमान परिसर
सावन महीने की प्रत्येक सोमवारी को तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लग जाती हैं. पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय भोलेनाथ' के जयघोष से गुंजायमान हो उठता है. मुख्य शिव मंदिर के साथ-साथ परिसर में स्थित गायत्री मंदिर भी लोगों की अगाध आस्था का केंद्र है. सावन के दौरान विशेषकर महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करती हैं और अपने परिवार की सुख, शांति व समृद्धि की कामना करती हैं.
100 वर्ष से भी अधिक पुराना है मंदिर का इतिहास
स्थानीय निवासी ईश्वरी प्रसाद, काजल देवी, दयालु प्रसाद और ममता देवी ने बताया कि यह मंदिर करीब 100 वर्ष से भी अधिक पुराना है. इसका धार्मिक एवं सामाजिक महत्व काफी अधिक है. यहाँ वर्षों से विवाह संस्कार सहित कई प्रकार के मांगलिक व शुभ कार्य संपन्न होते आ रहे हैं. गोविंदपुर बाजार के बीचों-बीच स्थित होने के कारण आसपास के कई गांवों के लोग भी आसानी से यहाँ दर्शन-पूजन के लिए पहुँचते हैं.
गोविंदपुर की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
गोविंदपुर का यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी ऐतिहासिक पहचान, समृद्ध धार्मिक परंपरा और पीढ़ियों से चली आ रही अटूट आस्था के कारण क्षेत्र के प्रमुख शिवालयों में विशेष स्थान रखता है. त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के समय यहाँ का पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है. यह मंदिर न केवल पूजा-अर्चना का स्थल है, बल्कि पूरे गोविंदपुर क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का सशक्त प्रतीक बन चुका है.
